जनवरी माह में शिकायतों के निस्तारण में जिला प्रदेश रैंकिंग में 31वें स्थान पर रहा। जनसुनवाई पोर्टल पर राजस्व, पेंशन, अपराध व ग्राम पंचायतों के विकास से संबंधित अधिक शिकायतें आई जिनका निस्तारण किया गया। आगे नंबर के सुधार के लिए प्रयास जारी रहने वाला है।
यूपी जनसुनवाई पोर्टल और 1076 सीएम हेल्पलाइन नंबर पर जन शिकायतों की भरमार है। जिले में सबसे राजस्व, पेंशन, अपराध व स्वास्थ्य विभाग से संबंधित अधिक मामले आते हैं। पिछले माह में 4000 से अधिक मामले आए। ऑनलाइन शिकायत करते ही निस्तारण के लिए संबंधित विभाग के नीचे के अधिकारी के पास चला जाता है। निस्तारण होने पर वहां से जिला स्तर पर आता है।
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जनसुनवाई व हेल्पलाइन नंबर पर आने वाले मामलों के निस्तारण में जिला जनवरी माह में जिला प्रदेश में 31वें नंबर रहा। इस माह में विभिन्न विभागों की शिकायतों की संख्या लगभग 4007 रहीं। पोर्टल या 1076 पर शिकायत करते ही वह संबंधित विभाग के अधिकारी के पास चल जाता है। इसमें सबसे अधिक राजस्व के मामले में होते है।
इसके अलावा वृद्धा, विधवा, दिव्यांग, अपराध व स्वास्थ्य विभाग के मामले हैं। न्यायालय में लंबित जमीन विवाद के निस्तारण से सबसे अधिक लोग असंतुष्ट होते है। ऐसे में शिकायत करने वाले 40 प्रतिशत अधिकारियों के निस्तारण से हमेशा असंतुष्ट रहते हैं।
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नए शासनादेश में शिकायतकर्ताओं से लिया जाएगा फीडबैक
प्रदेश सरकार ने जनसुनवाई-समाधान प्रणाली (आईजीआरएस) को प्रभावी बनाने के लिए शासनादेश जारी किया है। आईजीआरएस प्रणाली में शिकायतों के निस्तारण के लिए नए मानक तय किए गए हैं। इसके तहत शिकायतकर्ताओं से फ़ीडबैक लिया जाएगा और उसी के आधार पर शिकायतों का निस्तारण किया जाएगा।
अधिकारी भी फोन करके शिकायतकर्ताओं से निस्तारण की संतुष्टि व असंतुष्टि को परखेंगे। स्थलीय निरीक्षण के बाद ही जिम्मेदारी शिकायतों का निस्तारण करेंगे। जनसुनवाई पोर्टल और 1076 सीएम हेल्पलाइन नंबर पर एक माह के अंदर निस्तारित करना होता है।
संबंधित विभाग को निर्धारित समय के अंदर धरातल पर जाकर निस्तारण के निर्देश दिए गए है। हमेशा इसकी समीक्षा भी होती है। प्रदेश स्तर पर तहसील बलिया शीर्ष पर रहा। -राजेश कुमार गुप्ता, एसडीएम नमामि गंगे।