रेवती। टीएस बंधा के डेंजर जोन पर घाघरा का तेवर खतरनाक हो चला है। नदी की लहरें डेंजर जोन पर सीधे टकराते हुए बंधा के निचले सतह को अचानक काटने लगीं हैं। कई कटान देख चुके दहशतजदा ग्रामीण आने वाले खतरे को लेकर सचेत हो गए हैं। अधिकारियों को सूचना दिए जाने के बाद कटान स्थल पर मिट्टी भरी बोरियों को डालने का काम शुरू किया गया। लेकिन यह कार्य बेहद धीमी गति से हो रहा है।
नेपाल द्वारा छोड़े गए पानी का असर अब टीएस बंधा के डेंजर जोन पर दिखने लगा है। शुक्रवार की शाम अचानक घाघरा की धाराओं का तेवर उग्र हो गया। दतहां प्रधान मंत्री सड़क पर बने स्पर से टकरा कर नदी उत्तर की ओर के सिल्ट (नदी द्वारा फेंकी गयी मिट्टि से ऊपर की ओर उभरी भूमि) से टकरा कर सीधे डेंजर जोन पर आकर बैक रोल करने लगी। डेंजर जोन से सटे गांव के बाशिंदों में ऐसा होते ही खलबली मच गई। गांव के रंजय यादव ने बताया कि कृष्णा सिंह के साथ रात को करीब 11 बजे से लेकर दो बजे बंधा की स्थिति देखने को पहरा देते रहे। ऐसा लग रहा था मानो बैक रोल करती धाराएं नदी की तलहटी को खोखला कर रही हों।
उधर प्रधान धनजी यादव, ददन यादव, संजय यादव, हरि शंकर सिंह, अजय यादव आदि ग्रामीणों ने बताया कि बाढ़ के मद्देनजर रत्ती भर काम भी इस वर्ष बंधा पर नहीं हुआ। डीएम के जीओ बैग में बालू भर कर सुरक्षा के बाबत पर्याप्त बोरियों का स्टाक रखने के निर्देश के बावजूद सीमेंट की कुछेक पुरानी बोरियों में मिट्टी भर कर दिखने मात्र के लिए रखा गया है। ग्रामीणों ने बताया कि यहां का बोल्डर उठा कर अठगांवां ले जाया जा रहा है। जबकि नदी डेंजर जोन को बर्बाद करने पर तुली हुई है। बंधा पर निगरानी के लिए नियुक्त कर्मचारियों एवं अन्य लोगों की बंधा के खतरनाक स्थिति की सूचना के बाद किसी तरह सीमेंट बोरियों में भरी मिट्टी की बोरियों को बंधा के कटान स्थल पर डालने का काम शुरू किया गया। लेकिन खतरा इससे टलेगा कहा नहीं जा सकता। अधिकारी इस ओर लापरवाही कर रहे हैं।
कई गांव बाढ़ के पानी से घिरे
लाल निशान से ऊपर बह रही घाघरा
अमर उजाला ब्यूरो
बेल्थरारोड । घाघरा नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि जारी है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार शनिवार को अपराह्न जलस्तर 64.840 मीटर रिकॉर्ड किया गय। जो लाल निशान से 83 सेंटीमीटर अधिक है। लाल निशान से ऊपर बहने वाली नदी के जलस्तर में वृद्धि हो रही है। आयोग की माने तो आधा से एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से जलस्तर में वृद्धि हो रही है। आयोग ने अगले 24 घंटे में जल स्तर लाल निशान से एक मीटर अधिक होने की संभावना जताई है।
बाढ़ का पानी गांव की ओर तेजी से बढ़ने लगा है। कई गांव पानी से घिर गए हैं। बाढ़ के पानी से तटवर्ती हाहानाला ,तुर्तीपार, चैनपुर, गुलौरा,मठिया ,आदि ग्रामों की सैकड़ों एकड़ फसल जलमग्न हो गई है। पानी में डूब जाने से फसल बर्बाद होने के कगार पर है। चैनपुर गांव के कब्रिस्तान में पानी भर गया है। टीएस बंधा और रेगुलेटर पर पानी का दबाव बढ़ गया है। तहसीलदार यशवंतराव ने नायब तहसीलदार चंद्रभूषण प्रताप, बाढ़ विभाग के जेई मनीष गुप्ता के साथ तटवर्ती क्षेत्रों का दौरा कर बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया। बताया कि बाढ़ के खतरे से निपटने के लिए प्रशासनिक इंतजाम पूरे कर लिए गए हैं। बंधे को दुरुस्त किया जा रहा है। बाढ़ चौकियां क्त्रिस्याशील हैं ।किसी भी स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन तैयार है ।