हल्दी। विकास खण्ड बेलहरी के जवही गांव में जेसीबी व ट्रैक्टर से कराये गये निर्माण कार्य को अवैध बताते हुए रोजगार सेवक ने बीते 24 जून को जिलाधिकारी समेत अन्य अधिकारियों को शिकायती पत्र दिया था। जिसमें जेसीबी व ट्रैक्टर से कार्य कराए जाने की बात कही गई थी। बावजूद अधिकारियों ने तरजीह नहीं दी। चार दिन बाद भी इस मामले में कोई कार्यवाही नहीं हुई।
मनरेगा योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए सभी गांवों में रोजगार सेवकों की संविदा कर्मी के पद पर नियुक्ति की गई थी। ताकि ग्राम प्रधान व सचिव का सहयोग हो सके। शासनादेश के अनुसार रोजगार सेवक गांव में कराए जाने वाले कार्यों का विवरण ब्लॉक मुख्यालय को देते हैं। वहां से संस्तुति के बाद ग्राम पंचायत में कार्य कराए जाते हैं। जिसके बाद रोजगार सेवक मौके पर खड़े रह कर कार्य कराते हैं। यही नहीं मजदूरों की हाजिरी लगाना भी इन्हीं की जिम्मेदारी होती है। वैसे तो ये ब्लॉक के ये संविदा कर्मी है, लेकिन मनरेगा योजना के तहत होने वाले कार्यों के ये लोग सचिव हैं। जवही गांव के रोजगार सेवक जगत नारायण यादव ने बीते 24 जून को जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, उपायुक्त श्रम विभाग, खण्ड विकास अधिकारी बेलहरी को शिकायती पत्र दिया था। जिसमें कहा गया था कि जेसीबी व ट्रैक्टर से मनरेगा का कार्य कराया जा रहा है। इस मामले में अधिकारी द्वारा जांच तो की गई, लेकिन अधिकारी द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।