जिला अस्पताल के ओपीडी कक्ष में मरीजों का उपचार करते चिकित्सक।संवाद
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बलिया। जिले में सुबह तेज हवाओं के साथ बारिश से तापमान में गिरावट आई। उधर जिला अस्पताल की इमरजेंसी में आए 90 मरीजों में 30 फीसदी मरीज सांस की परेशानी, सीने में जकड़न की परेशानी वाले भर्ती हुए। डायरिया के लक्षण वाले मरीजों की संख्या कम हो गई है, सिर्फ फूड प्वाइजनिंग के मरीज आ रहे हैं।
जिला अस्पताल में अन्य दिनों की तुलना में फिजिशियन व बालरोग चिकित्सक की ओपीडी में मरीजों की भीड़ कम रही। दोपहर तक चली ओपीडी में 317 मरीज इलाज कराने पहुंचे। इनमें 30 प्रतिशत से ज्यादा मरीज सांस, जुकाम, खांसी, तेज बुखार व सांस की परेशानी वाले रहे। तापमान में गिरावट के साथ गुलाबी ठंड से कम इम्यूनिटी वालों की सेहत खराब कर रही है। बच्चों में सर्दी, खांसी, निमोनिया एवं कफ जमने से छाती में जकड़न की परेशानी वाले ज्यादा मरीज आ रहे हैं। कई मरीज गले में खरास की समस्या लेकर पहुंचे।
फिजिशियन डॉक्टर विनोद कुमार ने बताया कि बदलते मौसम में बच्चों के साथ बुजुर्गों को सावधानी बरतनी जरूरी है। अस्थमा, बीपी व शुगर वाले मरीजों के लिए यह मौसम खतरनाक है। बालरोग डाॅ. विनेश कुमार ने बताया कि बच्चों को मौसम के बदलाव से सर्दी जुकाम जल्द पकड़ता है। साफ सफाई जरूरी है। थोड़ी सी भी परेशानी होने पर चिकित्सक से परामर्श पर दवा का सेवन करें। थोड़ी सी लापरवाही घातक हो सकती है।