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तो 3.80 लाख राशन कार्ड हो जाएंगे बेकार!

Sun, 02 Apr 2017 10:56 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो /बलिया
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सीएम अखिलेश यादव की फोटो छपा राशनकार्ड का कवर। - फोटो : अमर उजाला
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शासन के नए आदेश से जिले को मिले तीन लाख 80 हजार राशन कार्ड बेकार हो जाएंगे। इसको लेकर कार्डधारक भी सकते में हैं। हालांकि अधिकांश राशन कार्ड अभी बांटे नहीं गए हैं। राशन कार्ड को लेकर पिछले तीन सालों से प्रक्रिया चल रही है जो अभी भी अधर में है।
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   जिले में वर्ष 2005 में ग्रामीण व शहरी इलाकों के लोगों को राशन कार्ड मुहैया कराया। शासन के नियमों के मुताबिक राशन कार्ड की वैधता पांच साल की ही होती है लिहाजा वर्ष 2010 राशन कार्ड बनना चाहिए लेकिन ऐसा नहीं हो सका और शासन ने पुराने राशन कार्ड की ही वैधता बढ़ा दी। इसके बाद लगातार वैधता बढ़ती रही और वर्ष 2014 में राशन कार्ड बनाने की प्रक्रिया शुरु हुई।
  
लेकिन इसके बाद से लगातार नियम बदलते रहे और राशन कार्ड बनवाने के लिए लोगों समय-समय पर आवेदन भी करते रहे। प्रक्रिया चल ही रही थी कि वर्ष 2015 में एनएफएसए (राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम) लागू करने का फरमान जिले में पहुंचा और एकबार राशन कार्ड बनाने के लिए नए तरीके से प्रक्रिया शुरु हुई। अधिकारियों व कर्मचारियों की ओर से गांव से लेकर शहरी इलाकों तक सर्वे कर पात्र गृहस्थी व अन्त्योदय कार्डधारकों का चयन किया।
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हालांकि यह भी प्रावधान किया गया कि अन्त्योदय कार्डधारक ज्यों के त्यों रहेंगे और बीपीएल कार्डधारकों को पात्र गृहस्थी में शामिल करते हुए मानक के अनुसार पात्र गृहस्थी का चयन किया जाए।अधिकारियों व कर्मचारियों की ओर से सूची तैयार कर फीडिंग के लिए पूर्ति विभाग को दी गई। लेकिन पूर्ति विभाग की ओर से की गई फीडिंग में इस कदर धांधली की गई कि आज भी राशन कार्ड के लिए लोग परेशान हैं। जिले में पात्र गृहस्थी के कुल चार लाख 99 हजार 5841 व अन्त्योदय के कुल एक लाख एक हजार 701 हैं।

इसमें ग्रामीण क्षेत्रों में पात्र गृहस्थी के कुल चार लाख 62 हजार 599 व शहरी क्षेत्रों में 36 हजार 982 तथा अन्त्योदय के ग्रामीण क्षेत्रों में कुल 91 हजार 668 व शहरी क्षेत्रों में 10 हजार 33 हैं। लेकिन जिले को कुल तीन लाख 80 हजार की राशन कार्ड संबंधित एजेंसी की ओर से उपलब्ध कराए गए। हालांकि अभी तक करीब एक लाख राशन कार्ड ही बंट सके हैं। बताया जाता है कि राशन कार्ड आने के कुछ दिन बाद ही आचार संहिता लागू होने के कारण इसका वितरण रोक दिया गया था। अब राशन कार्ड बदलने का आदेश जारी किया गया है।
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