बलिया। सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन आत्मा योजना के तहत सोमवार को प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की जयंती पर किसान सम्मान दिवस समारोह का आयोजन आफिसर्स क्लब परिसर में हुआ। इस मौके पर 28 किसानों को सम्मानित किया गया।
राज्यसभा सदस्य नीरज शेखर ने आयोजन का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि चौधरी चरण सिंह ने बहुत पहले देश की अर्थव्यवस्था मजबूत करने का नारा दिया था। कहा था कि गांव व किसान जब सुदृढ़ होंगे तभी देश का विकास होगा। हम सभी के लिए अन्न उगाने वाले ही सब कुछ हैं। कहा कि चौधरी चरण सिंह को बहुत पहले ही भारत रत्न से सम्मानित करना चाहिए था। लेकिन भाजपा सरकार ने उन्हें सम्मान दिया। किसानों से कहा कि कृषि क्षेत्र में अभी काफी कुछ करना है। उसमें जैविक खेती को बढ़ावा देना प्रमुख है। कहा कि बलिया में एक जनपद एक उत्पाद के तहत चने की सत्तू का जल्द चयन होगा।
कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के वर्ष 2024-25 हेतु गेहूं, मसूर, प्राकृतिक खेती, धान, बाजरा, कोदो, रागीे, सावा, टमाटर, आलू, प्याज, मछली एवं गन्ने के चयनित 28 कृषकों को पुरस्कार के साथ प्रशस्ति पत्र व अंगवस्त्र दिया गया। सीटू योजना के तहत कस्टम हायरिंग सेंटर के लाभार्थी संतोष श्रीवास्तव, राजेश सिंह, हरिनाथ यादव तथा कृषि के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कुल 17 कृषकों को भी प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।
भाजपा नेता धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि किसान हित में चौधरी चरण सिंह के बाद मोदी सरकार ने काम किया है। उप कृषि निदेशक मनीष कुमार सिंह ने कृषकों को फसल अवशेष जलाने से होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में बताया। फार्मर रजिस्ट्री के बारे में जानकारी दी। जहूराबाद के पूर्व कालीचरण राजभर, रसड़ा चीनी मिल के चेयरमैन बब्बन सिंह रधुवंशी, नागेंद्र पांडेय, धर्मवीर सिंह, किशन प्रताप सिंह, जिला कृषि अधिकारी पवन प्रजापति आदि मौजूद थे।
गेहूं की अच्छी खेती करने वाले दौलतपुर निवासी संतोष सिंह ने कहा कि सरकार की अच्छी पहल है। जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए नई तकनीक की किसानों को जानकारी देनी होगी। इसका संबंध हम सभी के स्वास्थ्य से है।
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मोटे अनाज मडुवा की खेती करने वाले कोटवा निवासी ओमप्रकाश वर्मा ने कहा कि मोटे अनाज का बाजार अब मिल रहा है। सरकार ने श्रीअन्न को बढ़ाया दिया। इससे किसानों को काफी लाभ होगा।
खरीद निवासी दिनेश सिंह ने कहा कि गन्ने की खेती से लाभ है लेकिन जिले की रसड़ा स्थित गन्ना मिल का संचालन करना चाहिए। इससे गन्ने की खेती का दायरा और बढ़ेगा। खेती करने के बाद बेचने की चिंता रहती है।
गेहूं की खेती करने वाले जगदीशपुर निवासी रामजन्म यादव ने कहा कि नई तकनीकी से किसानों का लाभ है। पैदावार बढ़ा हुआ है लेकिन किसानों की सुविधा के बारे में सरकार को विचार करना होगा।