बलिया। गुजरात के राजकोट और जामनगर से शनिवार को दो ट्रेनें बलिया रेलवे स्टेशन पर पहुंची। राजकोट से कुल 1197 लोग आए जबकि जामनगर से विशेष ट्रेन से 1347 लोग आए। जिला प्रशासन के अनुसार दोनों ट्रेनों से कुल 2544 लोग आए। इन्हें उनके गृह जनपद और घर पहुंचाने के लिए 150 रोडवेज बसों की व्यवस्था की गई है जिनसे उन्हें रवाना किया गया। जाम नगर से आए यात्रियों को कोई संदिग्ध मरीज नहीं मिला।
राजकोट से पहली ट्रेन सुबह करीब 11 बजे बलिया स्टेशन पर पहुंची। इसमें कुल 1197 मजदूर सवार थे जिन्हें सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए लंच पैकेट और पानी की बोतल दिया गया। इनमें 44 लोगों को क्वारंटीन किया गया जबकि अन्य लोगों को रोडवेज बसों से उनके गंतव्य तक भेजा गया।
प्लेटफार्म पर मौजूद स्वास्थ्य व शिक्षा विभाग की टीम ने सभी यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग की और नाम, पता व मोबाइल दर्ज किया। 48 रोडवेज बसों से 1158 लोगों को उनके गृह जनपद भेजा गया। इसमें 31 महिलाएं थीं। वहीं जनपद के निवासी यात्री अपने संसाधनों से अपने घर गए। इस दौरान सभी को 21 दिन तक होम क्वारंटीन में रहने का निर्देश दिया गया। जामनगर से चलने वाली ट्रेन अभी नहीं पहुंची थी। वहीं जिलाधिकारी श्रीहरि प्रताप शाही, पुलिस अधीक्षक देवेंद्र नाथ, संयुक्त मजिस्ट्रेट विपिन जैन व एसडीएम सदर अश्वनी कुमार श्रीवास्तव अपनी टीम के साथ पूरी व्यवस्था का जायजा लेते रहे। इसके अलावा बाहर सीओ सिटी एके सिंह व सीओ बैरिया अशोक कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस फोर्स सक्रिय रही।
ट्रेन से गैर जनपदों के आए थे श्रमिक
बलिया। पहली ट्रेन से छह मई को 1200 श्रमिक, दूसरी ट्रेन सात मई को 1196 व तीसरी ट्रेन से शनिवार को 1197 लोग रेलवे स्टेशन पहुंचे। स्टेशन पहुंचे लोगों ने बताया कि 725 रुपया किराया लगा है। यहां बसों का किराया नहीं लग रहा है। ट्रेन से आने वाले श्रमिकों में गोंडा, गाजीपुर, हमरीपुर, चित्रकूट, देवरिया, जालौन, उदई, जौनपुर, कुशीनगर, आजमगढ़, बहराइच, बरेली, बलरामपुर, मऊ, महराजगंज, सोनभद्र, रीवा, मिर्जापुर, कानपुर, फतेहपुर, ललितपुर, आंबेडकर नगर, प्रयागराज, सुल्तानपुर, भदोही, प्रतापगढ़ महोबा व बलिया के लोग शामिल रहे।
शहर में बरती गई एहतियात
बलिया। शनिवार को दो स्पेशल ट्रेन से करीब तीन हजार श्रमिक आने को लेकर शहर व उसके आसपास के गांवों की दुकानों व वाहनों के संचालन पर प्रतिबंध पहले ही लगा दिया गया था। स्टेशन परिसर अंदर व बाहर पुलिस छावनी में तब्दील रहा।