बलिया। कोरोन काल में स्नातक और परास्नातक कक्षाओं के विभिन्न विषयों में प्रवेश लेने वाले छात्रों की रुचि भी कम हुई है। इसके चलते कई विषयों में 25 फीसदी तक सीटें रिक्त रह गई है। हालांकि सीटों को भरने के लिए जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय द्वारा प्रवेश तिथि को दो बार बढ़ाया गया था। बावजूद इसके कुछ ऐसे विषय हैं, जिनमें अभी भी सीटें रिक्त हैं। यह जानकारी विश्वविद्यालय के पीआरओ डॉ. जैनेंद्र पांडेय ने दी।
उन्होंने बताया कि स्नातक में संस्कृत, मध्य कालीन और प्राचीन इतिहास, अर्थशास्त्र, गणित, राजनीति शास्त्र, शिक्षा शास्त्र और दर्शन शास्त्र में प्रवेश लेने वाले छात्रों की तादाद कम हुई है। जबकि इसके विपरीत समाज शास्त्र, हिंदी, भूगोल, वनस्पति विज्ञान, मनोविज्ञान, सैन्य विज्ञान आदि विषयों में प्रवेश लेने वाले छात्रों की तादाद बढ़ी है। डॉक्टर पांडेय ने बताया कि इसके अलावा जिले में अंग्रेजी पढ़ने वाले छात्रों की संख्या तो बढ़ी है, लेकिन परास्नातक स्तर पर सीमित कॉलेजों में अंग्रेजी की पढ़ाई होने के कारण छात्रों को मायूस होना पड़ रहा है।
इसके अलावा गणित, रसायन विज्ञान, भौतिक विज्ञान और एम.कॉम में भी प्रवेश लेने वाले छात्रों की तादाद सामान्य से कुछ अधिक है। कला वर्ग के विभिन्न विषयों में मसलन संस्कृत, प्राचीन इतिहास और मध्यकालीन इतिहास तथा अर्थ शास्त्र की पढ़ाई से छात्रों का विमुख होना समझ परे है। यही कारण है कि इन विषयों के जानकारों की तादाद भी धीरे-धीरे कम होती जा रही है। जिन विषयों में सीटें रिक्त हैं, उन्हें भरने के लिए विश्वविद्यालय द्वारा प्रवेश की तिथि को पुन: आगे बढ़ाया जाएगा।