जयप्रकाश नगर। वर्षो से गढ्ढे में तब्दील एन एच31 बैरिया मांझी मार्ग की मरम्मत अब तक तो नहीं हो सका लेकिन एनएचएआई ने इसके ऊपर बीते तीन वर्ष में 25 करोड़ रुपये खर्च कर चुका है। जबकि इस मार्ग की मरम्मत के लिए बीते करीब तीन वर्षों से क्षेत्र के युवाओं सहित क्षेत्रीय विधायक भी प्रयास कर चुके है। हालांकि विधायक का प्रयास यह रंग जरूर लाया कि इस बात की पुष्टि कर लिया है कि इस पर यह रुपये कागजो में खर्च किए जा चुके हैं।
बताते चलें कि एन एच 31 बैरिया मांझी मार्ग पर वर्षो से हो रही दुर्घटनाओं में क्षेत्र के दर्जनों लोग काल के गाल में समा गए तो वही सैकड़ों लोग विकलांगता के शिकार हो गए। क्षेत्र के युवाओं के द्वारा इस मार्ग की मरम्मत को लेकर तरह तरह के आंदोलन करने के बावजूद मरम्मत का न होना विधायक सुरेन्द्र नाथ सिंह को खटकने लगा कि विभाग के कानों पर जूं तक क्यों नही रेंग रहा। शुक्रवार को विधायक श्री सिंह ने फोन पर बताया कि मैं एनएचएआई के कार्यालय दिल्ली पहुंचा और वहां पर इस मार्ग की स्थिति का जायजा लिया तो पता चला कि इस मार्ग पर बीते तीन वर्ष पूर्व ही इस मार्ग की मरम्मत के लिए 25 करोड़ रुपये स्वीकृति होकर कागज में ही सड़क की मरम्मत की जा चुकी है। बताया कि इसकी जांच करवाने के लिए शीर्ष नेता नितिन गडकरी से मिलने पहुंचा लेकिन संयोग रहा कि उनसे मुलाकात नहीं हो सकी। इसके बाद सांसद नीरज शेखर से इसकी शिकायत करते हए कहा कि इस खर्च हुए धन की जांच होना अति आवश्यक है। विधायक ने कहा कि मैं इसकी जांच किसी भी कीमत पर कराऊंगा और संबंधित विभाग के दोषियों सहित जो भी संलिप्त होगा उसके खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई की जाएगी।
क्षेत्रीय विधायक सुरेन्द्र नाथ सिंह ने बताया कि एन एच 31 बैरिया मांझी मार्ग गढ्ढे में तब्दील होने से तमाम लोगों की हुई मौत व तमाम लोगों के विकलांग होने का मुझे बहुत ही दुख है। बीते पांच वर्षों से केंद्र में सरकार होते मेरे प्रयास के बावजूद भी मेरे जनता को इतना दुख होना इससे भी अधिक दुख की बात है। इस दुख के लिए प्रायश्चित करने का एक मात्र साधन यही बचा है कि मैं होली नहीं मनाते हुए होली के एक दिन पूर्व से दुबे छपरा विद्यालय के सामने 101 घंटे उपवास पर बैठूंगा।