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अब सुदूरवर्ती गांवों में मरीजों का उपचार करेगा मोबाइल अस्पताल

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बलिया। शहर से लेकर सुदूरवर्ती गांव तक स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ सभी को मिल सके। इसी सोच के साथ जिले में मेडिकल मोबाइल यूनिट को लांच किया गया। इस यूनिट को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कैंप कार्यालय से बुधवार को अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राजनाथ, डॉ. केडी प्रसाद एवं डॉ. एनएन वर्मा द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
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इस मौके पर प्रभारी मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. केडी प्रसाद ने कहा कि इस वैन को चलाने का उद्देश्य लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ सीधे उनके घर पहुंचाना है। ताकि कोई भी व्यक्ति इलाज से वंचित न रह सके। वहीं इस मेडिकल मोबाइल यूनिट में डॉक्टरों के साथ ही सीबीसी जांच की पूरी सुविधा उपलब्ध रहेगी। इस वैन के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं और कार्यक्रमों के बारे में लोगों को जागरूक किया जायेगा। बताया कि इस वैन में कुल 116 दवाएं उपलब्ध रहेंगी। जो सुदूरवर्ती गांवों में जाकर गरीब जनता का उपचार करेगी। उन्होंने कहा कि मार्च के अंत तक तीन और मेडिकल मोबाइल यूनिट उपलब्ध हो जाएंगी।
मोबाइल हॉस्पिटल से उन लोगो को लाभ होगा। जो स्वास्थ्य केन्द्रों या अस्पताल तक नही पहुंच पाते हैं। वे इस वैन के माध्यम से बंजारे, मलिन बस्ती के लोग, ईट-भट्टों पर काम करने वाले श्रमिक या बेघर प्रवासी को चिकित्सीय एवं स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ दिलाया जायेग। यह यूनिट जनपद के नगरीय इलाकों सहित प्रत्येक ब्लाकों में मेडिकल मोबाइल यूनिट वैन पहुंचकर वहां जरूरतमंदों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें मुफ्त में दवा उपलब्ध कराएगी। एक मोबाइल मेडिकल यूनिट में ड्राइवर, डॉक्टर, फार्मासिस्ट, नर्स, लैब टेक्नीशियन की व्यवस्था रहेगी। इसके माध्यम से प्राथमिक उपचार, संक्रामक व गैर संक्रामक बीमारियों की स्क्रीनिंग, बेसिक लैब टेस्ट आदि की सेवाएं दी जाएंगी। यूनिट में सीएचसी स्तर की लैब भी होगी जो उसी दिन मरीज की जांच करके रिपोर्ट मुहैया कराएगी।
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यह यूनिट प्रत्येक गांव में छह घंटे रुकेगी। इसके अलावा यदि मरीज को इलाज के लिए उच्च चिकित्सा केंद्र भेजने की जरूरत होगी, तो मोबाइल यूनिट का डॉक्टर उसे रेफर करेगा। इसके बाद विभाग की जिम्मेदारी होगी कि वह रोस्टर बनाकर इस यूनिट को गांव-गांव भेजे। हर 15 दिन में उस गांव में दोबारा एमएमयू जरूर पहुंच जाए, इसका भी ध्यान रखा जायेगा। इस अवसर पर डॉ. एके श्रीवास्तव, मोबाइल यूनिट वैन प्रभारी सर्वेश यादव एवं स्वास्थ्य विभाग के अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
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