बलिया। उच्च न्यायालय की डबल बेंच ने पकड़ी थाना क्षेत्र के जेठवार गांव में मई 2017 में हुए डबल मर्डर को आनरकिलिंग मानते हुए अपने आदेश में पुलिस महानिदेशक लखनऊ को निर्देशित किया है कि स्पेशल जांच टीम (एसआईटी) के किसी योग्य एवं सक्षम अधिकारी से जांच कराकर दो माह के अंदर न्यायालय को जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
मालूम हो कि 29 मई 2017 की शाम पकड़ी थाना क्षेत्र के जेठवार गांव निवासी निर्मला राय की पुत्री खुश्बू राय तथा फेफना थाना क्षेत्र के खोरीपाकड़ निवासी अनिल कुमार गोंड के पुत्र अजीत गोंड की निर्मला राय के घर के में हत्या हो गई थी। इस दोहरे मर्डर में पुलिस ने जांचकर आत्महत्या करार दे दिया था। लेकिन मृतक अजीत गोंड के परिजन इसको हत्या करार देते हुए पुलिस से शिकायत की थी। जिसे पुलिस ने अनसुना कर दिया था। जिसके बाद परिजनों ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। जिस पर न्यायालय ने मामले को संदिग्ध मानते हुए थाना पकड़ी को मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया था। न्यायालय के आदेश के बाद पकड़ी पुलिस ने धारा 302, 5040 506 व 3 (2) एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया। इसके बाद पुलिस ने विवेचना कर आत्महत्या मानते हुए फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी। तत्पश्चात परिजनों ने इसको हत्या मानते हुए जिला व प्रदेश के पुलिस अधिकारियों के न्याय की गुहार लगाई। लेकिन पीडि़त की बातों को अनसुना कर दिया गया। जिसके बाद पीडि़त उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। जिसमें सुनवाई करते हुए फरवरी 2019 को उच्च न्यायालय की डबल बेंच ने पुलिस महानिदेशक लखनऊ को स्पेशल जांच टीम (एसआईटी) के किसी योग्य एवं सक्षम अधिकारी से जांच करने तथा दो महीने के अंदर उच्च न्यायालय को जांच रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है।