गड़वार। संत श्री पशुपति नाथ महाराज के 108वीं जयंती के अवसर पर बभनौली गांव में चल रहे शतचंडी महायज्ञ के दौरान मंगलवार को भी श्रद्धालुओं की भारी भी उमड़ी रही।
अयोध्या धाम से पधारे संत अजय शास्त्री जी महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि धरती पर किए गए पापों से मुक्ति के लिए भगवान की कथा सुनना अत्यंत जरूरी है। जो व्यक्ति सच्चे मन से भगवान के कथा का रसपान करते हैं तो निश्चित रूप से मानव का कल्याण होता है। श्री शास्त्री जी ने कहा कि भगवान की कथा के माध्मम से ईश्वर का नाम यदि पानी अंत:करण तक पहुंचता है तो उसका भी कल्याण हो जाता है। उन्होंने प्रवचन द्वारा स्पष्ट किया कि कृष्ण भगवान है। सुदामा आदमी है और सुदामा की पत्नी सुशीला बुद्धि है, जो हर व्यक्ति के पास रहती है। आवश्यकता है इसके सदुपयोग करने की। जिसने भी सदुपयोग किया वह भगवान के कृपापात्र हुआ और उसे दुर्गुणों से मुक्ति मिली। इस मौके पर यज्ञ आयोजक शिवपूजन उपाध्याय, अध्यक्ष श्रीनाथ उपाध्याय, डॉ. परमानंद पांडेय, रवींद्र कुमार पांडेय, संतोष उपाध्याय, मैनेजर राम, स्वामीनाथ गोंड, डॉ. अखिलेश कुमार, श्याम नारायण उपाध्याय आदि का सहयोग सराहनीय रहा।