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भागवत कथा से पापों का होता है नाश : आत्मानंद

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जयप्रकाशनगर (बलिया)। कलिकाल में मनुष्य के जीवन की यात्रा को सफल बनाने के लिए सबसे सुलभ तरीका भागवत कथा है। इसके बिना हम सभी मनुष्यों का जीवन अधूरा है। जीवन में एक बार श्रीमद्भागवत का सत्संग और कथा का श्रवण सभी मनुष्यों को अवश्य करना चाहिए। ज्ञान रूपी भागवत कथा का स्मरण करने से पापों का नाश होने के साथ ही बुद्धि निर्मल व मनुष्य को सार्थक जीवन के पथ की तरफ ले जाता है। यह बातें महामंडलेश्वर आत्मानंद सरस्वती महराज ने दलजीत टोला में नवरात्र के मौके पर आयोजित भागवत कथा में कही।
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उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा मनुष्य को सही रास्ता दिखाती है। कथा को जीवन में उतारने के बाद मनुष्य का चरित्र बदल जाता है। पूजा करने से सिर्फ अपना कल्याण होता है लेकिन भागवत कथा की प्रस्तुति से हजारों लोगों को कल्याण होता है। कृष्ण का प्रत्येक रूप मनोहारी है। भगवान के स्वरूप पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि कृष्ण का प्रत्येक स्वरूप मन को प्रसन्न करने वाला होता है। कृष्ण के स्वरूप का वर्णन करना आसान नहीं होता है। भगवान कृष्ण ने ज्ञान रूपी गीता के माध्यम से लोगों को जीवन की सार्थकता को बताया है। भगवान कृष्ण महाभारत के अर्जुन के पथ प्रदर्शक के रूप में लोगों को ज्ञान की बातें बताते हैं। वहीं गरीब सुदामा के परम मित्र होने के साथ भगवान इंद्र का अभिमान भी तोड़ते हैं। कृष्ण की लीला हमें सही रास्ते पर चलने का संकेत देती है। इस दौरान जब मंच से संगीतमय धुन शुरू हुआ तो सभी श्रद्धालु भाव विभोर हो गए। कृष्ण विवाह की झांकी भी प्रस्तुत की गई। इस मौके पर शिवपूजन सिंह, पंचदेव सिंह, नरेश सिंह, रामप्रवेश सिंह, नागेंद्र सिंह, सुरेंद्र सिंह, शिवनारायण सिंह, बच्चालाल सिंह, विजय सिंह, राजेश सिंह सिताराम विंद, मुखदेव विंद आदि रहे।
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