प्रतिदिन पहुंच रहे फुंके ट्रांसफार्मर।
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इन दिनों लगातार हो रही बारिशों के बीच ट्रांसफार्मर का फुंक जाना आम बात हो गई है। तीन डिवीजीन में लगे कुल 23 हजार 182 ट्रांसफार्मरों में औसतन इस समय रोजाना 15 से 20 फुंकने की बात सामने आ रही है। पिछली सरकार से इस समय ट्रांसफार्मर बदलने की मुस्तैदी जरूर आई है। लेकिन फिर भी उदासीनता बरती जा रही है। सूत्र की मानें तो आयल जांच में खानापूर्ति किए जाने के कारण ऐसी समस्या उत्पन्न होती है।
गौरतलब हो कि गर्मी के दिनों में ओवरलोड तथा बरसात के दिनों में सब कुछ भीगे होने के कारण अर्थिंग प्रॉब्लम से ट्रांसफार्मर जल जाता है। एक एक्सपर्ट की मानें तो पावर के अनुसार हर ट्रांसफार्मर का तेल चेंज किए जाने की अलग-अलग मियाद होती है। समयानुसार तेल यदि चेंज किया जाता है तो समस्या नहीं आती है। लेकिन यह बात सत्य है कि जनपद में लगे किसी ट्रांसफार्मर को तयशुदा समय पर रिपेयर नहीं किया जाता है। जिसका नतीजा ट्रांसफार्मर तनिक लोड या फिर स्पर्किंग में जल जाता है।
विभागीय अधिकारी की मानें तो बरसात पूर्व लगभग सभी ट्रांसफार्मरों की जांच की गई है। लेकिन रोजाना 15 से 20 ट्रांसफार्मर फुंक जाना कुछ और ही तस्वीर बयां कर रहा है। एक्सईएन वर्कशाप एके सिंह का कहना है कि बरसात में अर्थिंग की समस्या ज्यादा होती है। लेकिन ट्रांसफार्मर फुंकने के कारण बिजली व्यवस्था बाधित अब नहीं रह रही है। दिक्कत तभी पैदा होती है जब क्षमता से अधिक लोड दिया जाता है।