बलिया। चक्रवाती तूफान मोंथा का असर जिले में बृहस्पतिवार को भी रहा। 36 घंटे से कभी धीमी और कभी तेज बारिश का दौर जारी रहा। जिले में बृहस्पतिवार को 20 एमएम बारिश दर्ज की गई, 16 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से हवा चलने से ठंड का अहसास होने लगा है। तीन दिन में 9 डिग्री पारा लुढ़का है।
बृहस्पतिवार को दिनभर सूरज बादलों की ओट में छुपा रहा। हवा संग बारिश से खेतों में खड़ी धान की फसल गिर गई है। बारिश के कारण जनजीवन भी प्रभावित रहा। शहर सहित ग्रामीण क्षेत्र की सड़कें कीचड़ से सन गईं। शहर की सड़क पर गड्ढों में पानी भरने से लोगों को काफी दिक्कत उठानी पड़ी।
जिले में कुछ किसानों की धान की फसल की कटाई हो चुकी है, उन्हें फसल सड़ने का डर उन्हें सता रहा है। किसान फसल बीमा योजना से मदद की उम्मीद कर रहे हैं। मौसम विभाग ने एक नवंबर के बाद ही बारिश से राहत की संभावना जताई है। बेल्थरारोड संवाददाता के अनुसार अनवरत बूंदाबांदी व तेज हवाओं से खेतों में पककर तैयार धान की फसल के खराब होने का खतरा मंडराने लगा है। वहीं, निचले स्थानों पर जलभराव से लोगों को आवागमन में फजीहत उठानी पड़ी। नगरा क्षेत्र के कई गांवों में बारिश हो जाने के कारण रास्ते पर कीचड़ से काफी फिसलन हो चुकी है।
खरीफ सीजन के लिए 19784 किसानों ने कराया है बीमा : पीएमएफबीवाई खरीफ 2025 में जिले से 19784 किसानों ने बीमा कराया है। कृषक प्रीमियम एक करोड़ 41 लाख रुपये है।
फसल बीमा योजना के डीसी प्रवीण पांडेय ने बताया कि तूफानी बारिश में नुकसान के लिए किसी किसान ने अभी टोल फ्री नंबर पर काल नहीं किया है। लखनऊ से इसी तरह की कोई सूचना अभी तक नहीं मिली है।
इंदरपुर क्षेत्र में बारिश और हवा के चलते गिरी धान की खड़ी फसल।संवाद
इंदरपुर क्षेत्र में बारिश और हवा के चलते गिरी धान की खड़ी फसल।संवाद
इंदरपुर क्षेत्र में बारिश और हवा के चलते गिरी धान की खड़ी फसल।संवाद
इंदरपुर क्षेत्र में बारिश और हवा के चलते गिरी धान की खड़ी फसल।संवाद