नरहीं। बक्सर-भरौली को जोड़ने वाले नए पुल पर ट्रक खराब होने के कारण एनएच-31 के साथ ही बक्सर शहर से लेकर आरा मार्ग पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। उजियार गंगा तट पर जाने वाले श्रद्धालुओं को जाम में फंसकर इंतजार करना पड़ा। सोमवार की रात 11 बजे से जाम लगना शुरू हुआ और मंगलवार को सुबह 10 बजे तक 20 किलोमीटर तक लगा रहा।
मकर संक्रांति के मद्देनजर नरहीं पुलिस भरौली गोलंबर पर सुबह से ही सक्रिय रही, लेकिन आठ बजे के बाद पुलिस भी गोलंबर से गायब हो गई। जाम को हटवाने के लिए आरपीएफ के जवान भरौली गोलंबर पर मशक्कत करते रहे। 20 किलोमीटर तक 11 घंटे तक जाम लगा रहा। जाम भरौली से नरही थाने के आगे तक पहुंच गया था। यह भरौली गोलंबर से गाजीपुर जिले की सीमा तक लगा रहा। भरौली गोलंबर पर खराब ट्रक को पुलिसकर्मियों एवं ग्रामीणों ने धक्का देकर हटाने का प्रयास किया, लेकिन असफल रहे।
जाम के कारण गंगा स्नान करने वाले श्रद्धालुओं को भी घंटों परेशानी हुई। यदि एक जनवरी की तरह भारी वाहनों को रोक दिया गया होता तो मकर संक्रांति पर श्रद्धालुओं को कठिनाइयों का सामना नहीं करना पड़ता। घने कोहरे में लोग ऑटो रिक्शा, ई-रिक्शा, बोलेरो, स्कार्पियो, जीप, मैजिक, पिकअप में सवार होकर उजियार गंगा तट पर पहुंचे। कोटवा नारायणपुर गंगा तट, भरौली गंगा तट, गोविन्दपुर गंगा तट, बड़का खेत पलिया खास गंगा के छाड़न में श्रद्धालुओं का दोपहर तक आना-जाना लगा रहा
-
पलटा ई रिक्शा, एक गंभीर
नरहीं। गंगा स्नान करने के लिए श्रद्धालुओं को लेकर जा रहा ई-रिक्शा पलट गया। इसमें एक वृद्धा गंभीर रूप से घायल हो गईं। उन्हें जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया गया। मंगलवार की सुबह पिपरा कलां से छह महिलाएं गांव से ई-रिक्शा से उजियार गंगा तट पर स्नान करने के लिए जा रही थीं। गोविन्दपुर मैरिज हॉल के पास जाम लगने के कारण ई-रिक्शा दाहिनी तरफ से जा रहा था। सड़क किनारे असंतुलित होकर वह पलट गया। इसमें पिपरा कलां गांव निवासी शांति देवी (70) पत्नी कन्हैया सिंह गंभीर रूप से घायल हो गईं। दो और महिलाओं को मामूली चोटें आईं। शांति देवी को सीएचसी नरही पहुंचाया गया जहां चिकित्सकों ने जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया।