बलिया। जिला कोटेदार संघ के बैनर तले मंगलवार को जिले के कोटेदारों ने कलेक्ट्रेट के धरना स्थल पर एक दिवसीय धरना दिया। मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के प्रतिनिधि को सौंपा। कहा कि सरकार कोटेदारों के साथ होने वाले भ्रष्टाचार पर रोक लगाने की बजाय उन्हीं पर रोक लगाने के चक्कर में है। राशन विक्रेताओं का विभागीय अफसरों द्वारा शोषण किया जाता है। लेकिन उनकी बात सुनने वाला कोई नहीं है।
जिलाध्यक्ष आनंद कुमार सिंह ने कहा कि इस उत्पीड़न तथा आर्थिक शोषण की शिकायत जिले के आला अफसरों के साथ ही खाद्य आयुक्त तक से की गई। कहा कि किसी मार्केटिंग गोदाम से शासनदेश के अनुसार राशन की निकासी नहीं हो रही है। हर गोदाम पर कटौती के साथ धन उगाही की जा रही है। नीचे से लेकर ऊपर तक वसूली के बाद भी कोटेदार को ही जिम्मेदार ठहराया जाता है। जिला उपाध्यक्ष लल्लन राय ने कहा कि सभी गोदामों पर घटतौली जारी है। तेल टंकियों पर पांच से सात लीटर प्रति ड्रम तेल कम दिया जा रहा है। जिला महासचिव उदयभान पांडेय ने कहा कि खाद्य एवं रसद राज्यमंत्री अतुल गर्ग के आदेश के बावजूद अब भी एमडीएम के भाड़े का भुगतान नहीं किया जा रहा है। कहा कि हाल ही में मुख्यमंत्री ने कहा कि कोटेदार अपना दूसरा व्यवसाय खोज लें। जबकि केंद्र और प्रदेश सरकार सबका साथ और सबका विकास का माला जप रही। ऐसे में 1434 दुकानदार बेरोजगार हो जाएंगे। संघ के कोषाध्यक्ष ओमप्रकाश पांडेय ने कहा कि सभी राशन विक्रेता 19 सितंबर को संसद भवन का घेराव करेंगे। चेताया कि मुख्यमंत्री एक बार पुन: विचार करें अन्यथा की दशा में हम जोरदार तरीके से केंद्र तथा प्रदेश सरकार को विरोध करेंगे। इस मौके पर दिनेश राय, दिलीप सिंह, सुशील, बनारसी राम, जयराम यादव, रामेश्वर सिंह, गोगा पाठक, रामजी तिवारी, शिवजी पांडेय, गजाधारी सिंह, जग्रन्नाथ मिश्र, शिवनाथ सिंह आदि शामिल रहे।