बलिया। पंचायती राज विभाग के तत्वावधान में गुरुवार से चल रहे पांच दिवसीय समुदाय आधारित स्वच्छता की कार्यशाला में दूसरे दिन शुक्रवार को 59 स्वच्छाग्राहियों को प्रशिक्षण देकर ग्रामीणों को जागरुक करने के टिप्स दिए गए। सभी प्रशिक्षुुओं को चार अलग-अलग ग्रुपों में बांटकर चार गांवों के लिए रवाना किया गया।
दिल्ली के नालेज लिंक के लीड ट्रेनर सीएम पांडेय ने बताया कि खुले में शौच करने से भारत में प्रतिवर्ष शून्य से पांच साल के करीब एक लाख 17 हजार बच्चों की हर साल मौत हो रही। कहा कि खुले में शौच, कुपोषण से उम्र के हिसाब से लंबाई और शारीरिक विकास हो जाता है। कहा कि पूरी दुनिया में जितने कुपोषित बच्चे हैं उसमें से एक तिहाई अकेले भारत देश में है। इसका कारण गांवों का ओडीएफ न होना है। सभी प्रदेशों की तुलना में सर्वाधिक कुपोषित बच्चे उत्तर प्रदेश में है। जबकि दूसरे नंबर पर बिहार है। स्वच्छग्राहियों के माध्यम से लोगों को खुले में शौच से रोकना तथा जिले को ओडीएफ करना बहुत ही जरुरी है। जिला सलाहकार इसरार अहमद, निशिकांत गिरी, श्रवण कुमार, अजमल खां ने भी विचार रखे।
शुक्रवार को दुबहर विकास खंड के रुस्तमपुर, कछुआ, कुंवर जसांव तथा घघरौली के लिए चार अलग-अलग टीमें ट्रिगरिंग के लिए रवाना की गई। टीमों ने अपने अपने क्षेत्र में जाकर लोगों को खुले में शौच करने से होने वाले दिक्कतों को बताया। साथ उन्हें भारत को ओडी मुक्त करने की जानकारी देते हुए शौचालय निर्माण के प्रति प्रेरित किया