सिकंदरपुर। भाजपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व मंत्री राजधारी सिंह ने तहसील सिकंदरपुर के दर्जनों गांव का भ्रमण करने के बाद से कहा कि जिला प्रशासन की स्वीकृति के बाद भी सरकारी धान क्रय केंद्रों पर धान की खरीदारी में स्थानीय कर्मचारियों द्वारा हीलाहवाली की जा रही है, जिसके कारण किसानों के धान की खरीद नहीं हो पा रही है। इसके फलस्वरुप किसान प्राइवेट दूकानदारों को सस्ते मूल्य पर अपना धान बेचने के लिए विवश होकर 1150 रुपये प्रति कुंतल धान बेच रहे हैं, जबकि सरकारी कीमत ख 1550 से 1590 प्रति कुंतल के दर से है। बावजूद किसानों को प्रति कुंतल 300 से ख400 का नुकसान हो रहा हैं। यह बातें उन्होंने पत्रकार वार्ता के दौरान कहीं।
उन्होंने कहा कि साधन सहकारी समितियों एवं गोदामों पर कर्मचारियों की उपस्थिति ना होने के कारण भी किसान परेशान हैं। कई साधन सहकारी समिति तो ऐसे हैं जो हमेशा बंद ही रहते हैं कागजों में ही धान और गेहूं खरीद दर्ज कर बिचौलियों को सरकारी लाभ दे दिया जाता है। कहीं अगर खुलता भी है तो कर्मचारी बोरा न होने का बहाना बनाकर तो कभी मिल के एलाट ना होने का बहाना बनाकर किसानों को परेशान किया जा रहा हैं। इस अवसर पर मुख्य रूप से सुरेश सिंह, सुदामा राय, राकेश गुप्त, भोला सिंह, बालकृष्ण गुप्ता, गिरिजेश मिश्र आदि लोग उपस्थित रहे।