सिकंदरपुर। तहसील में तैनात लेखपाल के कार्यप्रणाली से असंतुष्ट होकर गांगकिशोर के ग्रामीणों ने अब आर-पार की लड़ाई लड़ने का मन बना लिया है। शनिवार को गांगकिशोर गांव के ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी सिकंदरपुर राजेश कुमार यादव से लेखपाल की शिकायत की तो वह भड़क गए। कहा कि बहुत दबाव है, मैं कार्रवाई करने में असमर्थ हूं। जिसको लेकर ग्रामीणों आक्रोश है।
बता दें कि सूखा राहत चेक में धांधली के साथ ही कई मामलों को लेकर क्षेत्र के कई गांव के लोगों ने मुख्य तहसील दिवस पर जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर लेखपाल जैनुद्दीन के कार्यो के विरुद्ध जांच करने की मांग की थी। जिस पर जिलाधिकारी द्वारा तत्कालीन उपजिलाधिकारी अनिल कुमार चतुर्वेदी से जांच कराया गया तो उसमें फर्जी रिपोर्ट देने की बात सही पाई गई। जिसके बाद लेखपाल का उक्त मौजे से स्थानांतरण कर दिया गया और विभागीय कार्रवाई शुरू की गई। लेकिन तीन माह बीत जाने के बाद भी अब तक लेखपाल द्वारा अपना चार्ज नवीन लेखपाल को नहीं दिया गया और ना ही उसके विरुद्ध कोई विभागीय कार्रवाई की गई। इसी बीच उपजिलाधिकारी अनिल कुमार चतुर्वेदी का स्थानांतरण बांसडीह हो गया और उनके स्थान पर उप जिलाधिकारी सिकंदरपुर राजेश कुमार यादव ने कार्यभार ग्रहण कर लिया। इस मामले में जब ग्रामीणों ने नए उपजिलाधिकारी से शिकायत की तो उनके द्वारा क्षेत्रीय कानूनगो को तत्काल चार्ज हस्तानांतरण कराने का निर्देश दिया गया। बावजूद भी लेखपाल द्वारा चार्ज स्थानांतरण नहीं किया जा रहा है। जिसको लेकर ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। गांग किशोर गांव निवासी कविंद्र प्रसाद, प्रिंस राय, श्यामू पांडेय, पिंटू पाठक आदि ने लेखपाल को नहीं हटाने पर धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी है।