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Ballia News: चिलकहर पीएचसी पर चिकित्सक नहीं होने से लौटे 19 मरीज

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प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मालीपुर में मरीजों का उपचार करते चिकित्सक।  - फोटो : samvad
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बलिया। चिलकहर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर रविवार को लगे जन आरोग्य मेले में 46 मरीज पहुंचे। होम्योपैथी चिकित्सक ने मरीजों का इलाज किया। एलोपैथ के चिकित्सक नहीं होने से 19 मरीज बिना इलाज कराए लौट गए। स्थानीय लोगों ने बताया कि पीएचसी प्रभारी मेला में हमेशा गैरहाजिर रहते हैं। वहीं, पीएचसी कुरेजी पर फार्मासिस्ट राकेश सिंह ने 19 मरीजों का इलाज किया।
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रविवार को ग्रामीण क्षेत्रों के स्वास्थ्य केंद्रों पर मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले का आयोजन हुआ। मौसम के बदलाव के कारण सर्दी, जुकाम के अलावा गले में खरास, पेट दर्द, तेज बुखार, फंगल इंफेक्शन, आई फ्लू के मरीज ज्यादा पहंुचे। आरोग्य मेला के नोडल अधिकारी एसीएमओ डॉ. योगेंद्र दास ने बताया कि मेले में 3105 मरीजों का इलाज हुआ। गंभीर रूप से बीमार 15 मरीेजों को जिला अस्पताल रेफर किया गया।
विशुनपुरा : प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मालीपुर पर आयुष चिकित्सक डॉ. खालिद ने 45 मरीजों का इलाज किया। इंद्रौली मलकौली स्वास्थ्य केंद्र पर फार्मासिस्ट दिग्विजय सिंह ने 25 मरीजों का उपचार किया। बारिश की वजह से मरीजों की संख्या पिछले दिनों की अपेक्षा कम रही। वायरल बुखार के अलावा एलर्जी एवं मौसमी रोगों से जुड़े मरीज शामिल रहे।
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बाढ़ ग्रस्त ब्लाकों में बांटने के लिए दवा की किट तैयार : जनपद में गंगा में बाढ़ का पानी लगातार बढ़ रहा है। सीएमओ डॉक्टर संजीव वर्मन ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 75 बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं। आठ क्रियाशील है। चिकित्सक के अलावा फार्मासिस्ट व अन्य स्टाफ और दवा उपलब्ध कराई गई है। बाढ़ग्रस्त ब्लाॅक बैरिया, मुरली छपरा, बेलहरी, दुबहड़, सोहांव व जिलास्तर पर दवाओं की एक-एक हजार किट तैयार है। वहीं, बाढ़ संभावित क्षेत्रों के लिए 500- 500 कीट तैयार है। किट को संबंधित क्षेत्रों में भेजा जा रहा है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की गर्भवती एवं कोमार्विड व्यक्तियों को चिह्नित कर सूची तैयार की जा रही है और उनका उपचार किया जा रहा है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए औषधि किट में (एंटी बॉयोटिक, ओआरएस, जिक, बुखार एवं खुजली के लिए ट्यूब) तैयार की गई है। बाढ़ प्रभावित प्रत्येक ब्लाॅक में एक-एक 108 एंबुलेंस अलग से लगाई गई है। बाढ़ ग्रस्त सभी चिकित्सा इकाइयों पर एंटी स्नैक वेनम एवं जीवनरक्षक औषधियां पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं।
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