बलिया। पिछली सरकार द्वारा कानून व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त करने के उद्देश्य से 30 दिसंबर 2016 को पूरे प्रदेश में यूपी 100 सेवा आरंभ की गई। अब तक इसके पास 1753 प्रापर्टी विवाद आए। समय से और सूझबूझ का परिचय देने में तत्परता दिखाने पर डीजीपी द्वारा जनपद को चार बार प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जा चुका है। इसके साथ ही यूपी 100 टीम को पूरे प्रदेश में सबसे अच्छी सेवा देने के लिए बधाई भी दी गई। विभागीय आंकड़ों पर गौर करें तो यूपी 100 के पास वर्ष जनवरी 2018 से चार मार्च 2019 तक सबसे अधिक मामले पारिवारिक, जमीन विवाद, छेड़खानी व शराब के आए हैं।
उप्र में सुरक्षा और कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरूस्त बनाने के उद्देश्य से पिछली सरकार ने पूरे प्रदेश में यूपी 100 सेवा संचालित किया था। जिसके तहत जनपद को कुल 38 वाहन प्राप्त हुआ था। जिसमें सात इनोवा तथा 31 बोलेरो मिली थी। इन वाहनों पर एक कमांडर, एक सब कमांडर व पायलट की तैनाती की गई थी। इसके अलावा वाहनों को संचालित करने के लिए जिले में कुल 912 प्वाइंट स्थापित किए गए थे। इसमें प्रत्येक वाहनों के लिए 24 प्वाइंट स्थापित किए गए है। जो 15 से 20 किमी की दूरी तय करता है। इसके बाद प्रदेेश की भाजपा सरकार द्वारा जिले में यूपी 100 की 16 बाइक उपलब्ध कराई गई। ताकि जहां चार पहिया वाहन न पहुंच सकें, वहां बाइक पुलिस पहुंच जाय। इसमें एक बाइक पर दो पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।
इस प्रकार कुल 32 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। यह यूपी 100 बाइक शहर कोतवाली, बैरिया कोतवाली, बांसडीह कोतवाली, रसड़ा कोतवाली, रेवती, सिकंदरपुर, उभांव, गड़वार थाने में तैनात की गई है। विभागीय आकड़ों पर गौर करे तो वर्ष 2018 के जनवरी माह से चार मार्च 2019 तक प्रापर्टी के 1753, घरेलू हिंसा 1448, चोरी की धमकी 362, हत्या का प्रयास 346, छेड़खानी 114, डकैती के 84, दहेज के 34 तथा शराब के 58 मामले आदि आए है। जिसमें सबसे अधिक इस वर्ष प्रापर्टी विवाद है। इसके बाद घरेलू हिंसा का विवाद हावी रहा। इस बाबत यूपी 100 के प्रभारी हरिशंकर सिंह ने बताया कि यूपी 100 के पास सबसे अधिक मामले प्रापर्टी व पारिवारिक विवाद का आता है। जिसे मौके पर ही सुलह-समझौता कराकर निबटाने का प्रयास किया जाता है। बताया कि जनपद की सभी टीम अपने-अपने क्षेत्र में ईमानदारी व निष्ठा पूर्वक कार्य कर रही है।