बलिया। नगर के टाउन हाल के सभागार में रविवार की शाम जागरूक संस्थान व फीनिक्स इंटरनेशनल स्कूल की साझा प्रस्तुति एक शाम बेटी के नाम प्रस्तुत किया गया, जिसका शुभारंभ वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. जनार्दन राय व एससी कालेज के हिंदी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. श्रीपति कुमार यादव ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
इस दौरान जागरूक संस्थान के कलाकारों ने आखिर कब तक नाटक का जीवंत मंचन कर समाज में फैले भ्रष्टाचार पर प्रहार करते हुए लोगों को जागरूक करने का काम किया। मंचन के दौरान मां अपनी नौ साल की पुत्री को बाजार में सामान लाने के लिए भेजती है। इसी बीच ठाकुर भवानी सिंह के दो पुत्र शराब के नशे में धूत होकर बच्ची को पकड़ लेते हुए और उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म करते है।
उधर परिवार के सदस्य पुत्री को ढ़ूढते है, जहां एक सुनसान स्थान पर बच्ची बेहोशी हालात में मिलती है। जिसे लेकर परिवार के सदस्य अस्पताल पहुंचते और पुलिस को सूचना देते है। लेकिन ठाकुर थानाध्यक्ष, डाक्टर व वकील सबको पैसे के बल पर खरीद लेता है और पीड़िता के मां-बाप पर मंज कसता है। अंत में चारों ओर से निराश व हार थक कर पीड़िता का बाप ठाकुर व उसके बेटे को गोली मार हत्या कर देता है। जिसे पुलिस गिरफ्तार कर लेती है। यह जीवंत प्रस्तुति देख उपस्थिति सभी दर्शकों के आंखों में बरबस ही आंसू छलक पड़े। इसके बाद एकल नाटक प्रस्तुत कर कलाकार समीर ने वाहवाही लूटी। इसके पूर्व फीनिक्स इंटर नेशनल स्कूल की छात्राओं ने ओ रे चिरैया गीत पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों को ताली बजाने पर मजबूर कर दिया। इस मौके पर विशिष्ट अतिथि महिला एसओ संध्या सिंह, डा. निशा राघव, सुनील कुमार यादव, अभय सिंह कुशवाहा आदि मौजूद रहे।