बलिया। आमतौर पर विधानसभा तथा लोकसभा चुनावों के दौरान राजनीतिज्ञों के पाला बदलने की बात सामने आती है लेकिन वर्तमान में चुनावी सूखापन के बीच जिले के दो दिग्गजों के पाला बदलने की चर्चा जोरों पर है। कयास लगाए जा रहे हैं कि दोनों नेता वर्तमान में बसपा के कद्दावर नेताओं में शुमार हैं और विधानसभा चुनाव के दौरान भी दोनों नेताओं ने पुराने दल से नाता तोड़ लिया था।
जिले के दो राजनीतिक दिग्गज ऐसे हैं जो कभी पुरानी पार्टी के रीढ़ माने जाते थे। दोनों नेताओं की राजनीतिक हैसियत का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में पुरानी पार्टी छोडने के बाद इन्हें बसपा ने थाम लिया और कद के अनुसार पद भी सौंपा। यहां तक कि बसपा ने दोनों नेताओं के कद का लाभ लेने के लिए बीते विधानसभा चुनाव के दौरान प्रदेश के कई जिलों में भी भेजा। लेकिन चुनाव में बसपा के पराजित होने के बाद नेताओं ने अपनी नई जमीन तलाशनी शुुरु कर दी है। सूत्रों की मानें तो बसपा के दोनों नेताओं के साथ ही कुछ माह पहले बसपा से निष्कासित कद्दावर नेता के साथ लखनऊ में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से मिलने की तैयारी में हैं। इसके बाद ही कोई खुलासा हो सकेगा। कयास लगाए जा रहे हैं पुराने दल में अंदरुनी विवाद और बसपा के खिसकती जमीन को देखते हुए जनपद के दोनों दिग्गज बड़ा फैसला ले सकते हैं। हालांकि दोनों नेताओं के खास लोग अपनी जुबां खोलने से बच रहे हैं।