बलिया। महर्षि भृगु की धरती पर लगने वाले ददरी के नंदी ग्राम पशु मेले में दुधारू पशुओं के उतरने का सिलसिला जारी है। हालांकि परेशानियों के बीच ही मेला आगे बढ़ रहा है। मेेले में हरियाणा की गायों को लेकर पशुपालकों में खासा रुझान है। जर्सी गाय और बछिया की बिक्री जोर पकड़ रही है। छठ महापर्व को लेकर बिहार प्रांत के व्यापारियों की संख्या अभी कम है, कयास लगाए जा रहे हैं कि छठ के बाद सीमावर्ती बिहार प्रांत के व्यापारी पशुओं के साथ मेले में आएंगे। बिहार से मेले में आए कई पशु व्यापारी पशुओं की खरीदारी करने के बाद छठ पूजा के लिए अपने गांव की ओर रुख कर चुके हैं। मेला में गाय व भैंस, घोड़ा-घोड़ी की आवक तेज हो गई है।
पशु मेले में स्थापित नंदी ग्राम में देशी गाय के साथ हरियाणा व पंजाब से भी जर्सी गायें आने लगी हैं। वहीं घोड़ा तथा घोड़ी के साथ ही खच्चर भी मेले में अब जुटने लगे है। इनके मेले में आने से खरीद-फरोख्त भी तेज हो गई है। मेले में सबसे अधिक जर्सी बछिया की बिक्री हो रही है। वहीं दुधारू पशुओं में सबसे अधिक हरियाणा की गायों की मांग है। इनके व्यापारी मोल भाव करने के साथ ही खरीदारी भी कर रहे हैं।
नंदी ग्राम में बैलों की भी एक से बढ़कर एक जोड़ी उतरने लगी है। यूपी समेत बिहार के पशु व्यापारी भी अपने बैलों की जोड़ी के साथ मेले में डेरा डाले हुए हैं। इस पशुओं के खरीदार भी रविवार को मोलभाव करने के लिए दिन भर कसरत करते रहे। जौनपुर के व्यापारी सूबेदार यादव, बंशराज, अखिलेश यादव, लक्ष्मी शंकर यादव, लालजी व राम किशुन अपने पशुओं को लेकर मेले में पहुंच गए हैं। वहीं हरियाणा से आए व्यापारी यशपाल सिंह, सरदार देवराज सिंह, सरदार तजिंदर सिंह ने बताया कि हम लोग पिछले दस वर्षो से लगातार ददरी मेले के नंदी ग्राम पशु मेले में जर्सी बछिया लेकर आते हैं।