बलिया। स्वच्छ भारत अभियान लाखों के खर्च के बाद भी पूरा नहीं हो रहा। स्वच्छाग्रही के प्रशिक्षण के नाम पर लाखों खर्च किया गया लेकिन अभी तक किसी भी स्वच्छाग्रही से शौचालय निर्माण को लेकर कार्य नहीं लिया गया। इसके अलावा शौचालयों के निर्माण की गति भी धीमी है। वहीं इसके निर्माण में मानकों की भी अनदेखी की जा रही है। इसके चलते स्वच्छता अभियान जोर नहीं पकड़ रहा है।
जिले के गांवों को ओडीएफ करने के लिए वर्ष 2015-16 में स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत की गई। इसके तहत जिले के सभी गांवों को दो अक्तूबर 2017 तक ओडीएफ करने के लिए कुल तीन लाख 87 हजार 423 शौचालय बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया। इसको पूरा करने के लिए अभियान के तहत कई तरह के उपाय किए गए। इसके तहत लोगों को जागरूक करने के लिए पंचायत राज विभाग की ओर से स्वच्छाग्रही बनाने व उनके माध्यम से गांवों में ट्रिगरिंग कराने तथा शौचालय निर्माण के लिए लोगों को जागरूक करने का काम शुरू किया गया। विभागीय अधिकारी की मानें तो एक साल में कुल 380 स्वच्छाग्रही को पांच दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया और प्रशिक्षण के बाद उनकी टीमों के माध्यम से अलग-अलग गांवों में पांच दिनों तक ट्रिेगरिंग कराई गई। विभागीय ब्योरे को देखें तो एक साल में स्वच्छाग्रही को गांवों में पांच दिवसीय ट्रिगरिंग के एवज में तीन लाख 97 का भुगतान किया गया जबकि इनके प्रशिक्षण पर कुल 40 लाख का भुगतान किया गया है। इस तरह प्रति स्वच्छाग्रही पर कुल 11 हजार 571 रुपये खर्च किए गए हैं। इसमें गांवों में पांच दिवसीय ट्रिंगरिंग के सापेक्ष प्रति स्वच्छाग्रही जहां 1044 रुपये खर्च हुए हैं, वहीं प्रशिक्षण पर प्रति स्वच्छाग्रही पर 10 हजार 527 रुपये खर्च किए गए हैं। बताया जाता है कि अभियान के तहत मिली धनराशि में खूब बंदरबांट की गई। आलम यह है कि लाखों खर्च करने के बाद वर्तमान में विभाग स्वच्छाग्रहियों को कोई जिम्मेदारी नहीं दे रहा है और न ही ट्रिगरिंग ही कराई जा रही है जबकि जिले में 1843 के सापेक्ष महज 123 गांव ही ओडीएफ हो सके हैं। सीडीओ ने कहा कि अभियान के तहत जिले के प्रत्येक गांवों को ओडीएफ किया जाना है। स्वेच्छाग्रहियों को प्रशिक्षण देकर उन्हें लोगों को शौचालय निर्माण के लिए जागरुक करने का निर्देश दिया गया है। गांवों में शौचालयों का निर्माण कराया जा रहा है और इसकी मॉनीटरिंग भी की जा रही है। स्वेच्छाग्रही की ओर से शौचालय निर्माण कराने की पुष्टि होने पर उन्हें इंसेंटिव दिया जाएगा।