बलिया। जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में लेखाधिकारी के अभाव में सेवानिवृत्त होने वाले 72 शिक्षक कर्मचारियों के जीपीएफ और पेंशन पर ग्रहण लग गया है। अभी तक इन पत्रावलियों का वित्तीय परीक्षण नहीं हो सका है इसे लेकर पत्रावलियां लटकी हैं।
माध्यमिक शिक्षा विभाग में शिक्षकों-कर्मचारियों की समस्याएं बढ़ती जा रहीं। इनके निदान की कोई व्यवस्था नहीं हो पा रही है। शिक्षा विभाग में प्रावधान है कि छह माह के अंदर सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षक व कर्मचारियों के जीपीएफ और पेंशन से संबंधित पत्रावलियों को तैयार करा लिया जाए और वित्तीय परीक्षण आदि के कार्य पूरे हो जाएं। ताकि सेवानिवृत्त होने के बाद शिक्षक-कर्मचारियों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। लेकिन जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में महीनों से लेखाकार के नहीं होने के कारण 72 शिक्षक-कर्मचारियों की पत्रावलियां अटकी हुई हैं। बताया जाता है कि यह शिक्षक-कर्मचारी 31 मार्च 2018 को सेवानिवृत्त होने वाले हैं लेकिन अभी तक इन पत्रावलियों के बाबत वित्तीय परीक्षण का कार्य पूरा नहीं हो सका है। नियमानुसार वित्तीय परीक्षण होने के बाद पत्रावलियों को संयुक्त शिक्षा निदेशक आजमगढ़ कार्यालय को भेजा जाता है और वहां से अनुमति के बाद ही भुगतान आदि कार्य संभव है। पत्रावलियों पर कोई कार्रवाई नहीं होने के कारण शिक्षक-कर्मचारी परेशान हैं। आलम यह है कि शिक्षकों की समस्याओं को लेकर कई बार शिक्षक व कर्मचारी संगठनों की ओर से आंदोलन भी किया जा चुका है लेकिन इसके बाद भी व्यवस्था पटरी पर नहीं लौट पा रही है। हालांकि कुछ दिनों पहले गैर विभाग के लेखाधिकारी को संबंद्ध किया गया था लेकिन उनका भी स्थानांतरण होने के कारण संकट और गहरा गया है।
कोट
लेखाकार के सेवानिवृत्त होने के बाद से ही कार्यालय में इसको लेकर परेशानी चल रही है। लेखाकार की तैनाती के बाबत कई बार शासन को पत्र भेजा गया है। लेखाकार की व्यवस्था होते ही सभी पत्रावलियों का निस्तारण करा दिया जाएगा।
एएन राय, जिला विद्यालय निरीक्षक