लालगंज(बलिया)। वैज्ञानिकों की मानें तो मानसून सक्रिय होने में लगभग एक सप्ताह से भी कम समय रह गया है। मानसून से नदियों का उफान व उफान के बाद कटान लाजमी है। जिला प्रशासन द्वारा अभी तक कटानरोधी कार्य शुरू नहीं होने से कटान के मुहाने पर स्थित गांव के लोगों को कटान का डर सताने लगा है।
कटान के मुहाने पर क्षेत्र के जगदीशपुर व नरादरा गांव के लोगों को मानसून के आगमन का समय नजदीक आते ही डर सताने लगा है। निजाम बदलने के बाद आशा लगी थी पूर्व के सरकारों से अलग योगी सरकार समय रहते कटान रोधी कार्य कर कटान को रोकने का प्रयास करेगी। जिससे कटान से राहत मिल सकेगी। लेकिन पूर्ववर्ती सरकारों की तरह ये सरकार भी मानसून के कारण पानी बढ़ने के बाद ही कटान रोधी कार्य की खानापूर्ति कर देगी। बताते चलें कि पिछली बार की गंगा की कटान से जगदीश पुर व नरदरा गांव के दर्जनों परिवारों का आशियाना गंगा नदी में समाहित हो गया था। पिछले दिनों में क्षेत्रीय विधायक सुरेंद्र सिंह ने तो बाढ़ विभाग की लापरवाही के विरोध में मानव श्रृंखला बनाकर विरोध भी जाता चूके हैं। इसका असर तो हुआ पर केवल विभाग ने दुबे छपरा रिंग बंधा पर आनन-फानन में काम शुरू कर दिया। पर इस क्षेत्र में अभी तक कटान रोधी कार्य शुरू नहीं हो सका है। गांव के लोगों को डर सताने लगा है कि इस साल यदि गंगा जी पिछले कुछ सालों की तरह रौद्र रूप ले लीं तो इन दोनों गांव का अस्तित्व मिटना तय है। इस सन्दर्भ में जगदीशपुर श्रीभगवान पांडेय, मुन्नी पांडेय, देवतानन्द पांडेय व नरदरा के सुरेन्द्र मिश्र, राम विनय मिश्र आदि लोगों ने जिलाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराते हुए मांग की है कि अविलंब दोनों गांव के पास नदी में कटान रोधी कार्य शुरू करा दी जाय। जिससे इस बार गांव को गंगा नदी के कटान से बचाया जा सके।