धान का बाजार गर्म होने का असर सरकारी क्रय केंद्रों पर पड़ने लगा है। इसके चलते धान की खरीद रफ्तार नहीं पकड़ रहा है। अधिकांश किसान बाजारों में ही धान बेच रहे। हालांकि अभी किसानों के यहां पूरी तरह धान तैयार नहीं हो सके हैं। अबतक 311 किसानों से 1642.78 मीट्रिक टन धान की खरीद हुई है।
धान खरीद के लिए जिले में अलग-अलग एजेंसियों के कुल 80 क्रय केंद्र खोले गए हैं। लेकिन अधिकांश इलाकों में धान तैयार नहीं होने के कारण क्रय केंद्रों पर सन्नाटा है। उधर, सरकारी क्रय केंद्रों पर 21 सौ रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीद का प्रावधान है। जबकि आढ़तिए खेतों में ही किसानों से 2050 रुपये प्रति क्विंटल तक धान की खरीद कर ले रहे हैं। ऐसे में अधिकांश किसान क्रय केंद्रों का रुख नहीं कर रहे। किसानों के अनुसार क्रय केंद्र पर जहां दस्तावेजी झंझट है वहीं भुगतान के लिए भी इंतजार करना पड़ता है। इसके अलावा धान को ले जाने के लिए खर्च करना पड़ता है। आलम यह है कि निर्धारित लक्ष्य 1.15 लाख एमटी के सापेक्ष अबतक 311 किसानों से कुल 1642.78 एमटी खरीद हो सकी है।
इस बाबत जिला विपणन अधिकारी अविनाश चंद्र सागरवाल ने बताया कि बड़े किसान क्रय केंद्रों पर धान बेचते हैं। जैसे-जैसे धान तैयार हो रहा है खरीद की रफ्तार भी बढ़ रही है। आने वाले दिनों में खरीद तेज होने की संभावना है।