बलिया। जिला अस्पताल में अन्य दिनों की तुलना में मरीजों की भीड़ ज्यादा रही। ओपीडी में 1625 मरीज पहुंचे। इसमें करीब 80 मरीज खांसी व सांस लेने व सीने में दर्द की परेशानी के कारण पहंुचे थे। वहीं, बाल रोग की ओपीडी में 238 बच्चे पहुंचे, 73 बच्चों को सीने में जकड़न व खांसी की समस्या थी।
मौसम के बदलाव बच्चों और बुजुर्गों की सेहत बिगड़ रहा है। जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। शुरुआत फेफड़ों में जकड़न, जुकाम, खांसी से होती है। सही इलाज न मिलने पर सांस की नालियों में संक्रमण होता है। सर्दी, खांसी के अलावा सांस से संबंधित अस्पतालों में दवा लेने आ रहे हैं। जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एके उपाध्याय ने बताया कि लोगों को सर्दी के मौसम में खानपान के साथ ऊनी या मोटे कपड़े पहनने की जरूरत है। बिना डॉक्टर की सलाह के दवाएं न लें अन्यथा घातक हो सकती है।
बैरिया: ठंड के मौसम में हृदय संबंधी परेशानियां तेजी से बढ़ने लगती हैं। ओपीडी में भी हृदय रोगियाें की संख्या 8-10 गुना बढ़ गई है। नवंबर के शुरुआती दिनों में ये संख्या चार से पांच थी, जो अब 30 से 35 हो गई है। राजकीय संयुक्त चिकित्सालय, सोनबरसा के अधीक्षक डाॅ. विमल कुमार और डिप्टी सीएमओ डाॅ. विजय यादव ने बताया कि सर्द मौसम का सबसे ज्यादा असर दिल के रोगियों पर पड़ता है। इस समय खांसी-जुकाम के अलावा अस्पतालों में सबसे ज्यादा मरीज हृदय रोग के हैं।
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ये सावधानियां बरतें
गर्म पानी का भाप लेना काफी फायदेमंद होगा
-बच्चे को निमोनिया का टीका जरूर लगवाएं।
- धुएं और भीड़ से बचने का करें प्रयास।
- गंदे हाथों से चेहरे और मुंह को न हुए।
- कोहरा और धुंध होने पर घर से कम निकलें, पौष्टिक भोजन लें।