बलिया। कलेक्ट्रेट सभागार में डीआईओस नरेंद्र देव संग बैरिया विधायक सुरेंद्र सिंह के समर्थकों की हाथापाई की घटना के बाद महकमे में खलबली मची है। बताया जाता है कि भाजपा नेताओं से डीआईओएस का विवाद उसी दिन शुरू हो गया जब जिले में कार्यभार संभालने के बाद डीआईओएस नरेंद्र देव ने शिक्षा विभाग में गड़बड़ी की फाइलों को टटोलना शुरू किया। इसमें नियुक्ति से लेकर भुगतान तक का मामला है।
इसी क्रम में डीआईओएस ने एक विद्यालय में भाजपा के रसूखदार नेता के भतीजे गौतम कुमार दुबे की बतौर परिचारक नियुक्ति को विवादित मानते हुए दुबे समेत दो लोगों पर मुकदमा दर्ज करने के लिए 16 अगस्त 2018 को पुलिस अधीक्षक को तहरीर भेजी थी। लेकिन यह तहरीर एक माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी हल्दी थाने पर धूल फांक रही है। डीआईओएस की ओर से 30 अगस्त को भी एक अन्य तहरीर दी गई लेकिन यह भी ठंडे बस्ते में है। जबकि डीआईओएस ने इन तहरीरों की प्रति विभाग के आला अफसरों समेत डीएम-एसपी को भी अवगत कराया। इसके बाद सत्तापक्ष के नेताओं की त्योरियां चढ़ गईं। जिविनि को घेरने की फिराक में जुट गए। कुछ दिनों पहले जिविनि पर विभिन्न आरोप लगाते हुए भाजपा के जिलाध्यक्ष विनोद शंकर दुबे ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर उन्हें जिले से हटाने की मांग की। इसके बाद भाजपा जिलाध्यक्ष ने जिले में दौरे पर आए श्रीकांत शर्मा को भी जिविनि के खिलाफ कार्रवाई के लिए शिकायती पत्र दिया। इतना ही नहीं डीआईओएस की तहरीर में शामिल विद्यालय के प्रबंधक की ओर से किसी परिचारक के भुगतान के लिए जब डीआईओएस से मार्ग दर्शन मांगा गया तो डीआईओएस ने पुलिस को तहरीर दे दी। इतना ही नहीं प्रबंधक ने भी डीआईओएस के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी है। मुकदमा दर्ज नहीं होने पर प्रबंधक ने शिक्षा निदेशक समेत जिलाधिकारी से मुकदमा दर्ज कराने के लिए अनुमति मांगी तो डीएम ने इस मामले को डीआईओएस को यह लिखकर भेज दिया कि वह आवश्यक कार्रवाई करें। जबकि इस मामले में डीएम या शिक्षा निदेशक को निर्णय लेना चाहिए था। बताया जाता है कि प्रशासन ने डीआईओएस व प्रबंधक की शिकायतों को गंभीरता से लिया होता तो शायद विधायक-डीआईओएस के बीच विवाद जैसी नौबत नहीं आती।
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महिलाओं ने की प्रकरण की जांच की मांग
बलिया। विनायक सामाजिक महिला सेवा संस्थान की बैठक मंगलवार को एक होटल में आयोजित की गई। बैठक में महिलाओं ने कहा कि जिला विद्यालय निरीक्षक की ओर से भाजपा के जिलाध्यक्ष पर दो लोगों की नियुक्ति को लेकर दबाव बनाने का आरोप लगाया गया है। इसके चलते जिले में पार्टी की छवि धूमिल हो रही है। कहा कि इस मामले की जांच कर कार्रवाई होनी चाहिए और ऐसा नहीं होने पर वह सड़क पर उतर कर संघर्ष करेंगी। इस मौके पर उषा राय, निभा पांडेय, रमा तिवारी, सपना सिंह, लक्ष्मी यादव, आकांक्षा पांडेय आदि रहीं।