बलिया। फेफना थाना क्षेत्र के मिड्ढा गांव में एक परिवार पर हमले के विरोध में चौहान, पासवान व गोंड समाज के लोगों ने जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने मंगलवार को डीएम भवानी सिंह खंगारौत को ज्ञापन सौंप न्याय की गुहार लगाई। उनका आरोप है कि इस मामले में पुलिस ने मुकदमा तो दर्ज कर लिया, लेकिन सत्ता पक्ष के नेता के दबाव में आरोपियों की गिरफ्तारी अब तक नहीं किया है।
ज्ञापन में पीड़ित प्रेमचंद्र चौहान ने उल्लेख किया है कि 21 सितंबर की शाम करीब पांच बजे गांव के ही मनीष सिंह, शुभम सिंह, संदीप सिंह व मुनमुन सिंह मेरे घर पर आए औरे मेरे बेटे आनंद कुमार चौहान को साथ लेकर गए। इसके बाद बेरहमी से मारापीटा। किसी तरह मेरा पुत्र वहां से भागकर घर आया और आपबीती सुनाई। तत्पश्चात हम लोग आपस में तहरीर देने की चर्चा कर ही रहे थे कि संतोष सिंह आग गया और अपशब्द कहते हुए चला गया। कुछ ही देर बाद संतोष सिंह, मनीष सिंह, शुभम सिंह, संदीप सिंह, मुनमुन सिंहव मोनू सिंह लाठी-डंडे से लैस होकर आए और धावा बोल दिया।इसके बाद हम लोगों ने अपने घर का दरवाजा बंद कर दिया । जिसके बाद इन लोगों ने उसके घर पर पत्थरबाजी शुरू कर दी। घटना की सूचना यूपी 100 को दी गई। इस मामले में उसके पुत्र आनंद की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा तो दर्ज कर लिया था, लेकिन आरोपियों को अब तक गिरफ्तार नहीं किया। जिससे चौहान, पासवान व गोंड समाज में काफी आक्रोश है। ग्रामीणों ने एक स्वर से मांग की कि आरोपियों पर गुंडा एक्ट की कार्रवाई करते हुए अविलंब गिरफ्तार किया जाय। ताकि पुन: किसी गरीब का उत्पीड़न न हो सके। चेताया कि अगर आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की गई तो बड़े स्तर पर आंदोलन तथा बड़ी घटना गांव में घटित हो सकती है। जिसकी सारी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। इस मौके पर सोनू कुमार, रामायण चौहान, धीरज पासवान, अखिलेश चौहान, मनीष केसरी, दिनेश पासवान, सुरेंद्र गोंड, बलिराम चौहान, नंदलाल पासवान, पार्वती देवी, संतरा देवी, सुमन देवी, कारा देवी, प्रेमा देवी, मीना देवी, लक्ष्मी देवी सहित सैकड़ों महिला व पुरुष मौजूद रहे।