बलिया। जिले के नोडल अधिकारी श्री सेंथिल पांडियन ने कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक कर कानून व्यवस्था और विकास कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान अधिकारियों को निर्देश दिया कि कानून व्यवस्था सुधारने और प्रत्येक विकास खंड के पांच-पांच गांवों को 20 दिन के अंदर ओडीएफ करें। ओडीएफ गांवों की जानकारी नहीं देने पर उन्होंने डीपीआरओ पर नाराजगी जताई। छुट्टा पशुओं के लिए जिगिरसड में आश्रय केंद्र का निर्माण पूरा नहीं होने पर पैक्स पैड के अधिकारी को फटकार लगाई। सवाल किया कि यह कार्य मार्च में पूरा होना था जो अभी तक नहीं हुआ है। उन्होंने स्थलीय निरीक्षण करने का निर्देश दिया।
उन्होंने महिला उत्पीड़न, छेड़खानी, हत्या, सड़क सुरक्षा तथा नशा मुक्त, अवैध खनन, अवैध कब्जे के बारे में जानकारी दी। समस्त खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिया कि शौचालय निर्माण मिलजुलकर कराएं। अगले माह में यह कार्य पूर्ण होना चाहिए। अन्यथा कठोर कार्यवाही की जाएगी। जिलाधिकारी भवानी सिंह खंगारौत ने पिछले लखनऊ में हुई दिनों बैठक लखनऊ में मुख्यमंत्री के निर्देश से अवगत कराया। कहा कि कार्यालय में सुबह 09 बजे से 11बजे तक जनता की शिकायते नहीं सुनी जा रही है। जनता की शिकायत नियमित सुने और उसका गुणवत्तापूर्ण निराकरण भी कराएं।
आकस्मिक निरीक्षण होगा जिसमें गड़बड़ी मिलने पर कार्रवाई होगी। बैठक में अपर जिलाधिकारी राम आसरे, मुख्य विकास अधिकारी बद्रीनाथ सिंह, नगर मजिस्ट्रेट बृज किशोर दुबे, जिला विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक डीआरडीए, अर्थ एवं संख्याधिकारी, पुलिस अधीक्षक विजय पाल सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक एवं समस्त जनपद स्तरीय, ब्लॉक स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।