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शहीद सूरज के पार्थिव शरीर का बेसब्री से लोग कर रहे इंतजार

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जयप्रकाश नगर। वायु सेना के विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से शोभाछपरा निवासी लीडिंग एयर क्राफ्ट मैन सूरज कुमार सिंह की मौत की सूचना मिलने के दूसरे दिन शुक्रवार को भी गांव में मातम छाया रहा। परिजनों और गांव के लोगों को अब सूरज का पार्थिव शरीर आने का इंतजार है। लोग गांव के इस सपूत के अंतिम दर्शन करना चाहते हैं। जोरहाट में मौजूद सूरज के भाई प्रिंस ने परिजनों बताया कि शनिवार की शाम सूरज का शव गांव पहुंचेगा। उधर, परिवार में अभी भी सूरज की पत्नी को इस संबंध में कोई जानकारी नहीं दी गई है। वह अपने मायके में है और वहां दिनभर गुमसुम बैठी रहती हैं। परिजनों को डर है कि कहीं जानकारी होने पर उनको सदमा न लग जाए।
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दोकटी थाना क्षेत्र के शोभा छपरा गांव निवासी सूरज कुमार सिंह पुत्र विनोद सिंह अधिकारी बनना चाहते थे लेकिन उनका चयन वायुसेना में हो गया। 28 दिसंबर 2014 में बिहार के बिहियां एयरफोर्स सेंटर पर सूरज की नियुक्ति सैनिक के पद पर हुई थी। यहां से सूरज बेलगाम, चेन्नई, आगरा, कोलकाता होते हुए असम के जोरहाट में तैनात हुए थे। होरहाट से सूरज अपने 13 साथियों के साथ तीन जून को एयरफोर्स के विमान एएन 32 में सवार होकर अरुणाचल प्रदेश के मेचुका सेंटर तक उसे पहुंचना थे। इसी बीच विमान क्रैश कर गया। इस दौरान विमान में सवार सारे लोग मारे गए। तीन जून से लगातार तमाम एजेंसियां विमान व सैनिकों की खोज में लगी रही। 13 जून को जोरहाट एयरफोर्स सेंटर के कमांडिंग आफिसर ने सभी 13 सैन्यकर्मियों की इसकी पुष्टि की। इस विमान में सवार कोई भी सैनिक नहीं बच सका। इसकी सूचना सूरज के पिता विनोद सिंह को 13 जून को मिला। इसके बाद परिवार ही नहीं बल्कि गांव में भी मातम है। अब सूरज के परिजन और गांव के लोग शहीद सूरज के अंतिम दर्शन करने के लिए उनके पार्थिव शरीर के आने का इंतजार कर रहे हैं।
भैया के सपनों को करेंगे साकार : प्रिंस : नगर। जोरहाट में मौजूद सूरज कुमार सिंह के भाई प्रिंस सिंह ने कहा कि वह सेना में भर्ती होकर भैया के सपनों को साकार करेंगे। अमर उजाला से टेलीफोन पर बातचीत में प्रिंस ने बताया कि हमें भैया के शहीद होने का गम इतना है कि वे उसे व्यक्त नहीं कर पा रहे हैं। मेरे भैया का सपना था कि हम तीनों भाई सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करें जो उनके जीते जी तो नहीं हो सका लेकिन मौका मिला तो वे भैया का यह सपना अवश्य साकार करेंगे। अभी मैं जोरहट में हूं यहां से भैया के पार्थिव शरीर के साथ शनिवार की शाम तक गांव पहुंचने की उम्मीद है।
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