जयप्रकाशनगर। तीन जून को वायु सेना के लापता हुए एएन 32 विमान में शोभा छपरा गांव निवासी जवान सूरज के होने को लेकर जहां परिजन परेशान हैं वहीं, ग्रामीण भी इसको लेकर चिंतित हैं। ग्रामीणों का मानना है कि आखिर कब तक एएन 32 नंबर के विमान लापता होते रहेंगे। इस नंबर का यह पांचवा विमान है जो लापता हुआ है और इसके पूर्व के लापता चार विमानों का भी कुछ अता पता नहीं चल सका।
सूचना जिस दिन गाव में पहुंची उसी दिन से सूरज के माता-पिता व पत्नी बेसुध हैं। आलम यह है कि परिवार में किसी के मोबाइल की घंटी बजती है तो अनायास सूरज के समाचार मिलने की उम्मीद जग जाती है। जब भी कोई कुशल क्षेम पूछने आता है तो वह निरुत्तर होते हुए उसे एक टक देखते रह जा रहे हैं और जोरहट पहुंचे अपने छोटे पुत्र प्रिंस के यहां बार-बार फोन मिलवाकर पूछते हैं कि बबुआ विमानवा के कुछ खबर मिलल की ना। सूरज के छोटे भाई विक्रांत बताते हैं कि जैसे जैसे दिन गुजरता जा रहा है वैसे वैसे हमें अपनी मां व भाभी को समझाने के लिए शब्द नहीं मिल रहे हैं। छोटे भाई प्रिंस सिंह जोरहट पहुंच चुके हैं। लेकिन जब भी उनसे विमान के बारे में पूछा जा रहा है तो वह यही बता रहे हैं कि यहां के कमांडिंग आफिसर रमेश कुमार का कहना है कि सर्च चल रहा है और यह बताते हुए उनके जुबान लड़खड़ाने लग रहे हैं। तीन जून को आसाम के जोरहट से उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद ही वायु सेना का एएन 32 विमान गायब हो गया जिसमें क्षेत्र के शोभा छपरा गांव निवासी एलएसए पद पर तैनात सूरज कुमार सिंह भी सवार थे। बताया जाता है इसी नंबर का विमान 22 जुलाई 2016 को गायब हुआ था जिसमें सूरज के रिश्तेदार दोकटी थाना क्षेत्र के टोला सेवक राय के गांव निवासी भूपेंद्र सिंह भी थे। वह आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में आयुध भंडार में ़क्वालिटी इंस्पेक्टर के पद पर तैनात थे और विभाग द्वारा किसी आवश्यक कार्य वश चेन्नई बुलाया गया जहां से कुल 29 लोगों के साथ वह सवार होकर पोर्ट ब्लेयर के लिए उड़े और कुछ ही देर बाद उस विमान का संपर्क टूट गया जो आज तक नहीं मिला।