फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सुरहा ताल पंप कैनाल उपेक्षा का शिकार, 52 गांवों में नहीं पहुंच रहा पानी

विज्ञापन
विज्ञापन
घोघा। खरीफ का सीजन करीब है। ऐसे में किसानों को अच्छी उपज के लिए सही समय से बीज, खाद के अलावा पानी की उपलब्धता प्रमुख है। तभी किसान खेती कर उपज बढ़ाने में सफल होंगे। इस क्षेत्र में पानी का प्रमुख स्त्रोत बांसडीह क्षेत्र के मैरिटार में स्थित सुरहा ताल पंप कैनाल का रहा है। यह आजकल जनप्रतिनिधि एवं शासन की उपेक्षा का शिकार है ।
विज्ञापन

बांसडीह तहसील क्षेत्र में लगातार हो रही कम वर्षा के कारण लोगों को फिर से सुरहा ताल पंप कैनाल की याद आने लगी है। एक समय था जब 52 किलोमीटर लंबी सुरहा ताल पंप कैनाल इस क्षेत्र के किसानों पर सुखा का असर पड़ने ही नहीं देता था। नहरें लबालब भरी रहती थीं किसान आराम से धान का उत्पादन करता था लेकिन आज दिन बदल गए हैं सुरहा ताल पंप कैनाल पिछले कई वर्षों से खराब पड़ा हुआ है।
क्षेत्र की एकमात्र सिंचाई परियोजना प्रथम पंचवर्षीय योजना की देन है। परियोजना द्वारा क्षेत्र के मैंरिटार और कैथवली, देलुहा, बभनौली, श्रीराम पट्टी, कक्करकुंडा ,दुहीमुसी, हरदत्तपुर, जानकी, छपरा, पिंडरा, बांसडीह, दराव, रामपुर, बनकट, शाहपुर,रामपुर, खरौनी, खेवसर, जितौरा, हुसैनाबाद, केदारपुर, बिसौली, कोलकला, छुटकी सेरिया, रामपुर बडसरी, नारायणपुर आदि 52 गांव में सुचारू रूप से सिंचाई का कार्य संपन्न होता था। आजकल इन क्षेत्रों में सुरहा ताल पंप कैनाल का पानी नहीं पहुंच रहा है।
विज्ञापन

अधिशासी अभियंता सिंचाई विभाग सीबी पटेल का कहना है कि सुरहा ताल पंप कैनाल को चलाने को लेकर विभाग पूरी तरह सक्रिय है। इस संदर्भ में कार्य योजना बनाई जा रही है। जल्द ही पंप कैनाल तक पानी पहुंचेगा जिसके बाद इसे पूरी क्षमता से चलाया जा सकेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें