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कोचिंग संस्थानों पर दूसरे दिन भी सीएफओ ने की छापेमारी, हड़कंप

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बलिया। अग्निशमन विभाग की टीम ने सोमवार को दूसरे दिन भी द्वारिकापुरी कॉलोनी स्थित कोचिंग सेंटरों में चापेमारी की जिससे कोचिंग संचालकों में हड़कंप मच गया। कई कोचिंग संचालक सेंटर बंद कर लापता हो गए। अग्निशमन विभाग की मानें तो छापेमारी में 60 फीसदी कोचिंग सेंटर मकानों के बेसमेंट में चलते पाए गए जहां अग्निशमन यंत्र नहीं था। न ही अग्निशमन विभाग से एनओसी ली गई है। गाड़ी जाने के लिए ठीक रास्ता भी नहीं है। इन कोचिंग सेंटरों में अगर आग की घटना हुई तो उस पर काबू पाना मुश्किल साबित नहीं होगा।
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गुजरात के सूरत में एक कोचिंग संस्थान में आग से कई लोगों की मौत के बाद शासन के निर्देश पर अग्निशमन विभाग छापेमारी की कार्रवाई कर रहा है। फायर विभाग की टीम ने शनिवार को द्वारिकापुरी में 12 कोचिंग सेंटरों की जांच की थी। सोमवार को भी अग्निशमन की टीम ने द्वारिकापुरी स्थित करीब 10 कोचिंग सेंटरों पर छापेमारी की। इस दौरान अग्निशमन व्यवस्था और एनओसी नहीं मिला। 60 फीसदी कोचिंग बेसमेंट में चलते पाए गए जबकि बेसमेंट सिर्फ वाहन पार्किंग के लिए होता है। यह भी पाया गया कि एक ही बिल्डिंग में चार-चार कोचिंग सेंटर चल रहे हैं। अग्निशमन विभाग ने अब तक करीब 150 कोचिंग सेंटरों को चिह्नित कर लिया है। शेष को चिह्नित करने की कार्रवाई चल रही है। कोचिंग संचालन के दौरान बाइक व पैदल के अलावा चार पहिया वाहन अंदर जाने के लिए कोई रास्ता नहीं है। अगर आग की घटना होती है तो उसपर नियंत्रण पाना काफी मुश्किल होगा। द्वारिकापुरी और संकट मोचन कालोनी रिहायशी इलाका है लेकिन इसे कामर्शियल के रूप में उपयोग किया जा रहा है, जो नियम विरूद्घ है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी तबारक हुसैन बताया कि मानक के विपरीत चलने वाले कोचिंग सेंटरों के विरुद्घ कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा रूम एग्रीमेंट नहीं मिलने पर मकान मालिक के विरुद्घ भी कार्रवाई की जाएगी।
26 में तीन कोचिंग मिले पंजीकृत : मुख्य अग्निशमन अधिकारी तबारक हुसैन ने बताया कि जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय से पंजीकृत 26 कोचिंग संस्थानों की सूची मिली है जिसमें से तीन कोचिंग सेंटर ही पंजीकृत पाए गए। इन कोचिंग सेंटरों न तो अग्निशमन विभाग का एनओसी है और अग्निशमन यंत्र ही लगा है। शेष कोचिंग बिना पंजीकरण, बिना एनओसी व अग्निशमन यंत्र के संचालित होते पाए गए जिनके विरूद्घ कार्रवाई की जाएगी।
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बताया कि जिला विद्यालय निरीक्षक व जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को पत्र भेजकर जिले में मान्यता प्राप्त विद्यालयों की सूची मांगी गई है लेकिन एक पखवाड़े से अधिक बीत जाने के बाद भी अभी तक अधिकारी द्वय द्वारा सूची उपलब्ध नहीं कराई गई। इससे आगे की कार्रवाई करने में दिक्कतें हो रही है।
ट्रामा सेंटर के पास भी नहीं है एनओसी : मुख्य अग्निशमन अधिकारी तबारक हुसैन ने बताया कि द्वारिकापुरी कालोनी में संचालित ट्रामा सेंटर के बेसमेंट में पैथोलॉजी व अन्य जांच की जाती है, जो नियम विरूद्घ है। बेसमेंट केवल वाहन पार्किंग के लिए होता है। ट्रामा सेंटर के संचालक ने अग्निशमन विभाग से एनओसी नहीं ली है और न ही यहां अग्निशमन यंत्र लगाए गए हैं।
ढाई वर्ष बाद भी टीम नहीं हुई गठित : बलिया। मुख्य अग्निशमन अधिकारी ने प्रमुख सचिव के निर्देश के क्रम में दिसंबर 2016 में जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, सीएमओ सहित अन्य अधिकारियों को पत्रक भेज कर जनपद के समस्त राजकीय एवं प्राइवेट चिकित्सालयों में अग्निशमन व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए आग्रह किया था। लेकिन ढाई वर्ष बीत जाने के बाद भी अब तक न तो टीम गठित किया गया और न ही अस्पतालों में अग्निशमन की व्यवस्था सुनिश्चित की गई।
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