दया छपरा। मौसम में हो रहे प्रतिदिन बदलाव ने किसानों को परेशान कर रखा है। कभी बादल, कभी हल्की बारिश तो कभी तेज हवा झोकों ने किसानों को झकझोर दिया है। मौसम के लगातार बदलाव के कारण किसान सकते में हैं।
एक तरफ रह रह कर हो रही बूंदाबांदी व बादल ने जहां तिलहन व मसूर की फसलों पर माहो लगने से फसल प्रभावित हो रही है, वहीं आलू का पैदावार भी प्रभावित हो गया है। वर्तमान में गेहूं की फसल को पानी देना अति आवश्यक है लेकिन आए दिन हवा तेज चलने के कारण किसान गेहूं की सिंचाई करने में संकोच कर रहे हैं। किसानों का मानना है कि सिंचाई नहीं की जाए तो पैदावार घट जाएगा और अगर सिंचाई कर दी गई तो हवा से गेहूं का पौधा उखड़ कर सूख जाएगा। दया छपरा के किसान दीना नाथ वर्मा का कहना है कि मौसम किस करवट जाएगा समझ नहीं आ रहा है। अब इस साल का फसल राम भरोसे है। आलू की उपज भी कम है और रेट भी नहीं है। इस समय आलू बेचने पर लागत भी नहीं निकल रहा। पांडेयपुर के किसान धनेजर सिंह का कहना है कि चना में फल आने को है लेकिन आए दिन होने वाली बूंदाबांदी से इसके भी प्रभावित होने की आशंका है।