बैरिया। सुरेमनपुर रेलवे स्टेशन स्थित एक नंबर प्लेटफार्म से दो नंबर प्लेटफार्म पर जाने के लिए करीब 1.30 करोड़ की लागत से बने पैदल उपरिगामी सेतु का उद्घाटन मुख्यातिथि सांसद भरत सिंह ने फीता काटकर व शिलापट्ट से पर्दा हटाकर किया। रेलवे के सीनियर डीसीएम आरसी श्रीवास्तव, सीनियर डीईएन प्रवीण कुमार पाठक, डीआरएम के पीआरओ अशोक कुमार स्टेशन अधीक्षक केपी मिश्र के साथ सांसद ने दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया।
सभा को संबोधित करते हुए सांसद भरत सिंह ने कहा कि ऊपरगामी सेतु की मांग जनता की आवाज थी जिसे मैं अपना कर्तव्य समझकर पूरा करवाया। बताया कि नवनिर्मित पैदल ऊपरिगामी पुल की लंबाई 30.6 मीटर तथा चौड़ाई 3.6 मीटर है जो बहुत अल्प समय में एक करोड़ तीस लाख की लागत से बनकर तैयार हुआ है। इससे क्षेत्रीय रेल यात्रियों एवं आसपास के इलाके के लोगों को बहुत लाभ होगा। अब यहां के यात्री सुरक्षित ढंग से प्लेटफार्म बदल सकेंगे।
उन्होंने बताया कि छपरा-वाराणसी रेल खंड का विद्युतीकरण पूर्ण हो जाने से इस रेल खंड पर तीव्र गति से गाड़ियों का संचालन जल्द शुरू हो जाएगा। ऐसे में सुरेमनपुर स्टेशन पर निर्मित यह पैदल उपरिगामी पुल इस स्टेशन के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने स्टेशन के सुंदरीकरण और नवनिर्मित पैदल उपरिगामी पुल के निर्माण के लिए रेल प्रशासन एवं अधिकारियों को साधुवाद दिया। वरिष्ठ मंडल इंजीनियर द्वितीय प्रवीण कुमार पाठक ने सुरेमनपुर एवं बलिया में चल रही रेल परियोजनाओं से अवगत कराया और अगले दो वर्ष में इस रेल खंड के दोहरीकरण के कार्ययोजना की जानकारी दी। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक आरसी श्रीवास्तव ने बताया कि यह नवनिर्मित पैदल उपरिगामी पुल से यात्रियों को राहत मिलेगी। कहा कि पूरे देश में मोदी जी के प्रधानमंत्री बनने के बाद रेलवे ने तेजी के साथ विकास किया है औरा मूलभूत सुविधाओं से लैस किया गया है। फ्री में गैस कनेक्शन व प्रधानमंत्री आवास, 15 करोड़ से अधिक लोगों का बैंकों में खाता खोलवाने, आयुष्मान भारत के तहत अभी तक साढ़े सात लाख लोगों को कार्ड दिया गया। इससे गरीब परिवार अच्छे से अच्छे अस्पताल में इलाज करा सकते हैं। कहा कि मोदी के कार्यकाल से पहले हर क्षेत्र में दलाली होती थी, लेकिन उनके प्रधानमंत्री बनते ही दलाली बंद हो गया। कहा कि मोदी का देश में कोई विकल्प नहीं है। इस मौके पर धीरज तिवारी, सुधांशू तिवारी, लखी सिंह, रामाकांत पाण्डेय, अमिताभ उपाध्याय, जयप्रकाश साहू, अरुण सिंह बंटू, विजय बहादुर सिंह, दिग्विजय सिंह आदि रहे।