बैरिया। तहसील क्षेत्र में भले ही दो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व सात प्राथमिक स्कवास्थ्य केंद्र स्थापित किया गया है। लेकिन किसी भी अस्पताल पर महिला चिकित्सक की तैनाती नहीं की गई है। जिससे महिलाओं को इलाज के लिये 40 किमी दूर जाना पड़ता है। इसके अलावा करीब 25 लाख की आबादी के इलाज के लिए केवल फीजिशियन की ही तैनाती की गयी है। इसके चलते यहां के हड्डी रोग, बाल रोग व सर्जरी आदि के मरीज चिकित्सा के लिए भटकते हैं।
बैरिया तहसील क्षेत्र में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोनबरसा व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जेपी नगर स्थापित है। इसके अलावा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कोटवा, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मुरली छपरा के साथ ही पांच न्यू प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्थापित किया गया है। लेकिन तहसील के आधी आबादी के लिये किसी भी अस्पताल पर एक भी महिला रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं है। कई बार क्षेत्रवासियों ने महिला चिकित्सक की तैनाती के लिये आवाज उठाई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। भाजपा की सरकार बनने के बाद विधायक सुरेंद्र सिंह की पहल पर एक महिला आयुष चिकित्सक की तैनाती की गई जो फीजिशियन हैं। किसी भी अस्पताल पर महिला रोग विशेषज्ञ नहीं होने के कारण खास कर प्रसूताओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है। महिला रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं होने के कारण कभी-कभी तो प्रसूताओं को जान से भी हाथ धोना पड़ता है। आलम यह है कि क्षेत्र के महिलाओं को इलाज के लिए जिला मुख्यालय करीब 40 किमी दूूर जाना पड़ता है। यही नहीं इलाके के अस्पतालों पर फीजिशियन के अलावा अन्य रोग से संबंधित विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती ही नहीं की गई है। क्षेत्र के पूर्व जिला पंचायत सदस्य श्रीनाथ सिंह, प्रधानाचार्य अरुण चौबे, मुन्ना कुंवर, धनंजय सिंह आदि ने बताया कि क्षेत्र के किसी भी अस्पताल पर हड्डी रोग, बाल रोग, सर्जन व महिला चिकित्सक की तैनाती नहीं होने के कारण क्षेत्रवासियों को इलाज के लिए भटकना पड़ता है। कई बार इसके लिए आवाज उठाई गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस बाबत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोनबरसा के अधीक्षक डा. विजय यादव ने कहा कि पूरे प्रदेश में रोग विशेषज्ञ चिकित्सक की कमी है जिसके चलते यह परेशानी है।
पूरे प्रदेश में चिकित्सकों की कमी है और इसके चलते कमोवेश हर जगह इस तरह की परेशानी है। चिकित्सकों के उपलब्ध होते ही तैनाती कर दी जाएगी।
- डॉ. एसपी राय, सीएमओ, बलिया