फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शिक्षा व्यवस्था में दोहरीकरण अब और बर्दाश्त नहीं: राधेश्याम

विज्ञापन
विज्ञापन
जयप्रकाशनगर। अब तक किसी भी पार्टी की सरकार ने समान शिक्षा देश में करने पर विचार तक नहीं किया है। जिसका परिणाम आज समाज में शिक्षा की व्यवस्था दो तरह की हो गई है। यह बातें पूर्व जिला पंचायत सदस्य व सपा नेता राधेश्याम यादव ने कहीं। वह समाजवाद के पुरोधा लोकनायक जयप्रकाश नारायण के गांव में स्थापित जेपी स्मारक से शिक्षा की मांग को लेकर जयप्रकाशनगर से प्रधानमंत्री कार्यालय साउथ ब्लाक नई दिल्ली तक अपनी साइकिल यात्रा की शुरूआत करने से पूर्व वहां मौजूद पत्रकारों से विशेष बातचीत कर रहे थे।
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि आज एक मेहनतकश इंसान अपने बच्चों के सुंदर भविष्य के लिए दिन-रात मजदूरी करता है। विवशता में सरकारी स्कूलों में दाखिला दिलवाता है, लेकिन सरकारी स्कूलों के हालात जिस तरह के हैं, उसमें बच्चों के सुंदर भविष्य के सपने साकार नहीं हो सकते। यह इसलिए है कि इन विद्यालयों में केवल गरीब के बच्चे पढ़ते हैं। यदि जनप्रतिनिधियों, उच्चाधिकारियों व शिक्षकों के बच्चों का दाखिला भी इन्हीं सरकारी स्कूलों में अनिवार्य कर दिया जाए तो स्वत: इन विद्यालयों के हालात भी बदलने शुरू हो जाएंगे। अन्यथा सांसद-विधायक या अन्य उच्च अधिकारी केवल स्कूल चलो अभियान को हरी झंडी दिखा कर गरीब वर्ग के बच्चों के साथ आजीवन छल करते रहेंगे। यात्रा शुरू करने से पूर्व उन्होंने जेपी की प्रतिमा पर माल्यापर्ण किया और फिर जेपी के नारों संग साइकिल से ही दिल्ली के लिए रवाना हो गए। इस दौरान उनकी इस टीम में रामबली यादव, कृष्ण यादव सहित अन्य भी दर्जन भर युवा शामिल थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें