बैरिया। संत सुदिष्टबाबा के समाधि स्थल के पास परंपरागत ढंग से धनुषयज्ञ मेला चौक पर गुरुवार को संत रामबालक बाबा ने धर्मध्वज फहराने के साथ ही फीता काटकर मेले का उद्घाटन किया। इसके बाद समाधि पर जाकर माथा टेका। मौजूद हजारों भक्तो ंने मंदिर परिसर की परिक्रमा कर अपने को धन्य किया।
रामबालक बाबा के साथ ही श्याम बाबा व चांदपुर के महंत ने आश्रम के अहाता में पहुचकर श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दिया। संत सुदिष्ट बाबा के पुजारी कमला बाबा को श्रद्धालु आटा, चावल, लौकी, आलू के साथ ही दक्षिणा दान दें रहे थे। संत रामबालक बाबा ने कहा कि सुदिष्टबाबा स्वामीजी महाराज बाबा के ऐसे शिष्य थे, जिन्हें साक्षात हरिदर्शन का मौका मिला था, वे राम का कथा का आयोजन कराते थे और अगहनशुदी पंचमी के दिन धनुषयज्ञ का आयोजन कर अविवाहित लड़के जो राम के रूप में होता था, अविवाहित लड़की सीता के रूप में राम के गले मे जयमाला डालती थी, इस तरह छोटी-छोटी दूकानें लगते-लगते आज मेला का वृहद रूप ले लिया।
मेला प्रबंधक प्रधान जनक दुलारी देवी ने कहा कि मेला में हजारों की भीड़ होती है, बावजूद संत सुदिष्ट बाबा के कृपा से सब कुछ सकुशल सम्पन्न हो जाता है। वहीं पूर्व प्रधान व प्रधानपति गौरीशंकर प्रसाद ने कहा कि मेला में व्यापारियों व मेलार्थियों के लिए हर बुनियादी सुविधाओं का इंतजाम किया गया है। इस मौके पर राजन सिंह,विवेकानंद पाल, मिथलेश सिंह, मुन्ना सोनी, उमेश कुमार गुप्ता , रामलक्षण सिंह, प्रधान हरेराम यादव, मंगल मिश्र आदि उपस्थित रहे।