बैरिया। गोपालनगर टाड़ी गांव में शनिवार को भी सरयू नदी की कटान से 15 एकड़ उपजाऊ जमीन कटकर बह गई। इस बीच गांव के लोग अपना-अपना मकान अपने ही हाथों से उजाड़ने में लगे हुए हैं। लोगों का कहना है कि नदी का कोई भरोसा नहीं। फिर कब अचानक कटान शुरू हो जाए।
गांव निवासी गणेश यादव, भुसावल यादव, नंदजी यादव, नरेंद्र यादव आदि ने बताया कि लगभग गांव के दो तिहाई मकान सरयू नदी में विलीन हो चुके हैं। जो घर बचे हैं उसको भी लोग उजाड़ रहे हैं। गांव के लोगों ने एक बार फिर बाढ़ विभाग पर कटानरोधी कार्यों में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। लोगों ने कहा कि अगर मानक के अनुसार कटान रोधी कार्य हुए होते तो निश्चित रूप से गांव में कटान इस साल नहीं होती। अब तक 22 लोगों के मकान सरयू नदी में समा चुके हैं, जिन्हें मुआवजा देने के लिए तहसील प्रशासन की ओर से पहल नहीं की जा रही है।
अधिशासी अभियंता से उलझे ग्रामीण : बैरिया। गोपालनगर टाड़ी में शुक्रवार की शाम को कटान का निरीक्षण करने पहुंचे अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड संजय मिश्र से ग्रामीणों ने काटनरोधी कार्यों में मानक का अनुपालन नहीं होने की शिकायत की। इसके बाद माहौल गरमा गया। ग्रामीणों की अधिशासी अभियंता से कहासुनी होने लगी। लोगों का आक्रोश देख अधिकारी मौके से चले गए। अधिशासी अभियंता संजय मिश्र ने कहा तीन-चार लोग उल्टा सीधा बोल रहे थे। नदी दो किमी के दायरे में कटान कर रही है। कटानरोधी कार्य के पीछे से जगह बनाकर कटान बस्ती के तरफ कटान हो रही है।