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संसाधनों के अभाव में दम तोड़ देती हैं खेल प्रतिभाएं

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बलिया। गंवई प्रतिभा को यदि तराशा जाय तो उनमें भी वह माद्दा है, जो फलक पर भारत का नाम ऊंचा कर सकें। लेकिन संसाधन का अभाव, अभिभावकों में जागरूकता की कमी आदि के कारण प्रतिभा कभी-कभी अंदर ही दब कर रह जाती है। साथ ही विभाग भी ऐसे में कोताही कर रहा है जिससे हालात काफी खराब हो रहे हैं।
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जिले में एक मात्र स्टेडियम है वीर लोरिक स्टेडियम, जहां कभी-कभी आठ खेलों का प्रशिक्षण दिया जाता था, लेकिन वर्तमान में सिर्फ छह खेलों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। आप ये जानकर चकित रह जाएंगे कि देश के सबसे लोकप्रिय खेल क्रिकेट का प्रशिक्षण स्टेडियम में नहीं दिया जाता है। यहीं नहीं हमारा राष्ट्रीय खेल हॉकी तक के प्रशिक्षण का कोई प्रबंध जनपद में नहीं है। ऐसे में यहां के क्रिकेटर चाहकर भी खुद को निखार नहीं पा रहे हैं।
गौरतलब हो कि वर्ष 2013 में आठ खेल, जिसमें वालीबॉल, फुटबाल, कुश्ती, एथलेटिक्स, जिमनास्टिक, खो-खो, क्रिकेट तथा हाकी का प्रशिक्षण दिया जाता रहा है। लेकिन बीते दो सत्र अर्थात 14-15, 16-17 में इसकी संख्या घटाकर छह कर दिया गया है। वर्तमान में स्टेडियम में कुल छह खेलों का ही प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिसमें एथलेटिक्स, फुटबाल, कुश्ती, खो-खो, शूटिंग और वालीबाल शामिल है। इसमें पांच खेलों के जहां कोच रखे गए हैं। वहीं वालीबॉल का प्रशिक्षण क्रीड़ाधिकारी लक्ष्मीशंकर खुद ही देते हैं। सबसे दु:ख की बात यह है कि सबसे ज्यादा लोकप्रिय खेल क्रिकेट का प्रशिक्षण देना बीते दो सालों से बंद हो जाने के कारण इसके खिलाड़ियों को खुदको निखारने का मौका नहीं मिल रहा है। वहीं हमारा राष्ट्रीय खेल हाकी के खिलाड़ी भी प्रशिक्षण के अभाव में इस खेल से अपना मोह भंग कर ले रहा है।
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इनसेट.....
80 प्रतिशत क्रिकेटरों ने खेल से फेर लिया मुंह
बलिया। 2013 में जनपद में कुल 130 क्रिकेटर क्रिकेट का प्रशिक्षण लेते हैं। लेकिन इस खेल का प्रशिक्षण बंद कर दिए जाने से इसमें से 80 प्रतिशत खिलाड़ी इस खेल से अपना मुहं फेर लिया है। जबकि 20 प्रतिशत खिलाड़ी आजमगढ़ या फिर दूसरे जनपद में जाकर प्रशिक्षण लेेने को मजबूर है।
इनसेट....
शूटिंग के प्रति रूझान कम
बलिया। भले ही वीर लोरिक स्टेडियम में शूटिंग रेंज बनाकर इस सत्र से उसका प्रशिक्षण भी दिया जाना शुरू हो गया है। लेकिन सच्चाई तो यही है कि इस खेल के प्रति खिलाड़ियों में जागरूकता की कमी है। बमुश्किल छह या सात खिलाड़ी ही इसे खेल से जुड़े हैं।
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