सहतवार(बलिया)। क्षेत्र के ग्राम खोरौली (बड़की खोरौली) के लोग आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। यह गांव विकास से कोसो दूर है, जबकि यह गांव पिछली सरकार में लोहिया ग्राम सभा रह चुका है। यहां की आबादी लगभग 1500 है। यहां के लोग आज भी शौचालय, सड़क, नाली जैसे मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। आलम यह है कि जिन्हें लोहिया आवास मिला था उसकी छत की ढलाई आज तक नहीं हो सकी है। यही हाल छह माह से बन रहे प्रधानमंत्री आवास का भी है। जिनके छत की ढलाई अब तक नहीं हो सकी है। इसके चलते बारिश के मौसम में लोग प्लास्टिक में रहने को विवश है। यही हाल शौचालय का भी है। जिससे मजबूूर होकर महिला व पुरुष बाहर शौच जाने के लिए मजबूर है।
पीड़ित पुष्पा देवी पत्नी जीउत तुरहा, सितारी देवी पत्नी अक्षयलाल, बुचिया देवी पत्नी परमहंस, ऊषा देवी पत्नी अजय पासवान, मंजू देवी पत्नी जगेसर पासवान, आशा देवी पत्नी चन्द्रमा राजभर, सुनीता पत्नी संदीप प्रधानमंत्री आवास तथा कबूतरी पत्नी कैलास पासवान, रूक्मिनिया देवी पत्नी चन्द्रेव पासवान को लोहिया आवास मिला है। लेकिन आज भी वह आधा अधूरा है। पीड़ितों का कहना है कि जब हम लोगों को प्रधानमंत्री आवास पास हुआ तो हम लोगों को खुशी का ठिकाना नहीं था। दीवार तो खड़ा हो गया है, लेकिन छत की ढलाई आज तक नहीं हो सकी। जिससे हम लोग बगल में टाट लगाकर गुजर बसर करने को मजबूर है। इस गांव में अधिकतर पासवान बिरादरी के लोग है। इसमें यादव, राजभर, तुरहा बिरादरी के लोग है। इस बाबत सचिव पवन यादव ने बताया कि एक सप्ताह पूर्व 60 शौचालय बनाने की स्वीकृति मिली है, जिसका निर्माण जल्द कराया जायेगा।