बेल्थरारोड (बलिया)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सीयर में चिकित्सा व स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाल स्थिति से मरीजों और तीमारदारों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। राजकीय महिला चिकित्सालय में प्रकाश के अभाव में टॉर्च की रोशनी में प्रसव कराया जा रहा है। पैथालॉजी जांच के नाम पर मरीजों का आर्थिक शोषण किया जा रहा है। एंटी रैबिज इंजेक्शन समेत जीवन रक्षक दवाओं का अभाव बना रहता है। अस्पताल की दुर्व्यवस्था से स्वास्थ्य सुविधाओं का भरपूर लाभ जनता को नहीं मिल पा रहा है।
सरकार द्वारा स्वास्थ्य सुविधाएं दुरुस्त करने की तमाम कोशिशों के बावजूद अस्पतालों की दुर्व्यवस्था खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मी उपस्थिति पंजीका पर हस्ताक्षर करने के बाद गायब रहते हैं। यह खुलासा गत दिनों मुख्य चिकित्साधिकारी डॉक्टर एसके राय के निरीक्षण के दौरान हुआ। प्रकाश व्यवस्था के लिए लगा जनरेटर भी शोपीस बना हुआ है। राजकीय महिला चिकित्सालय में प्रकाश के अभाव में टॉर्च की रोशनी में प्रसव कराया जा रहा है। आरओ मशीन कई माह से खराब पड़ा है। पानी टंकी की सप्लाई नहीं होती। अस्पताल परिसर में गंदगी का अंबार लगा हुआ है। पैथोलॉजी जांच की सुविधा कागजों पर चल रही है। मामूली रोग के बावजूद चिकित्सक कमीशनखोरी के चलते मरीजों को बाहरी जांच केंद्रों पर पैथालॉजी जांच के लिए विवश किया जाता है। सभी चिकित्सकों के टेबल पर प्राइवेट जांच घरों की पर्चियां पड़ी रहती है। चिकित्सकों द्वारा मरीजों को बाहर की दवाई लिखी जाती हैं। अस्पताल परिसर में अवैध वाहनों की भरमार रहती है। मामूली चोट आदि होने पर मरीजों को तुरंत रेफर कर दिया जाता है। तीन जिलों की सीमा पर स्थित होने के चलते अस्पताल पर मरीजों की भारी भीड़ उमड़ती है , लेकिन समुचित चिकित्सा के अभाव में मरीजों को दूसरे स्थानों पर इलाज के लिए जाना पड़ता है।