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आज तक शुरु नहीं हुई मजिस्ट्रेटियल जांच

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रामगढ़। जनपद के बेलहरी ब्लाक स्थित ग्रामसभा गंगापुर और राजपुर एकौना में आर्सेनिक युक्त जल पीने से अब तक दर्जनों लोग काल के गाल में समा गए। इन गांवों में आर्सेनिक की जद में आने से हुई मौतों को जांच के लिए मानवाधिकार आयोग भारत सरकार के निर्देश पर मजिस्ट्रेटियल जांच करने का निर्देश भी मिला था। बावजूद आज तक इन गांवों में किसी जिम्मेदार अधिकारी ने पहुंचकर मजिस्ट्रेटियल जांच आज तक नहीं की।
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बता दे कि इंटक के जिलाध्यक्ष एवं कांग्रेस नेता विनोद सिंह ने वर्ष 2015 में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग भारत सरकार से गुहार लगाई थी कि जनपद बलिया के आर्सेनिक प्रभावित क्षेत्रों में आर्सेनिक की जद में आने से मृत लोगों की जांच कराकर मृतकों के परिजनों को मुआवजा दिया जाए। आयोग ने तत्कालीन मुख्य सचिव उप्र शासन आलोक रंजन मजिस्ट्रेटियल जांच के लिए पत्र भेजा। जनपद के आर्सेनिक प्रभावित क्षेत्र का सर्वे और मृतकों के परिजनों को मुआवजा मजिस्ट्रेटियल जांच कराकर दिए जाने का निर्देश दिया था। इस प्रकरण में जनवरी 2017 में जिलाधिकारी बलिया को भी शासन से पत्र आया था। प्रकरण को गंभीर मानते हुए जिलाधिकारी ने इन गांवों का मजिस्ट्रेटियल जांच कराने का जिम्मा एसडीएम सदर को सौंपा था।
एसडीएम सदर ने यह जिम्मा नायब तहसीलदार सदर को दे दिया था। लेकिन सात माह बीतने के बाद भी आज तक इन गांवों में कोई मजिस्ट्रेटियल जांच नहीं कराई गई। जिससे यह मामला आज भी लंबित हैै। जबकि ग्रामसभा गंगापुर का पुरवा तिवारी टोला आज भी आर्सेनिक की जद में है। यही कमोवश हालत राजपुर एकौना का है।
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