बलिया। विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट अनिल कुमार मिश्र की अदालत ने शासन के निर्देश पर अभियोजन के प्रार्थना पत्र को स्वीकार कर लिया। अदालत ने परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह समेत 14 लोगों को दस साल पुराने मामले में आरोप से मुक्त कर दिया। अदालत ने आरोपियों के जमानत बंध पत्र निरस्त करने के साथ ही उनके जमानतदारों को भी दायित्वों से मुक्त कर दिया है।
इस आदेश से दयाशंकर सिंह के साथ नागेन्द्र पांडेय, सतीश अग्रवाल, दीपक कुमार, सर्वदमन जायसवाल, संतोष सोनी, पप्पू पाण्डेय, धीरज गुप्त, राजेश गुप्त, बन्नी वर्मा, रामजी गुप्त, मनोज गुप्त, संतोष वर्मा और अरविंद को राहत मिली है।
शहर के मालगोदाम के पास चक्काजाम किया गया था, जिससे आम लोगों का रास्ता अवरुद्ध हो गया था। तत्कालीन जिलाधिकारी के आदेश का भी उल्लंघन पाए जाने पर सदर कोतवाली में ओक्डेनगंज चौकी प्रभारी सत्येन्द्र राय ने नौ सितंबर 2015 का को प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस ने दयाशंकर सिंह समेत 14 नामजद और 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। सीजेएम न्यायालय ने 18 जुलाई 2016 को इस मामले का संज्ञान लिया था। अदालत में हाजिर नहीं होने के कारण मंत्री समेत 13 के खिलाफ सीजेएम शैलेश पांडे के न्यायालय द्वारा गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था। शासन ने मुकदमा वापसी का आदेश डीएम बलिया को दिया था। डीएम वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी को इसकी जिम्मेदारी दी थी। सात जनवरी को सुनवाई हुई। न्यायालय ने दलील सुनने के बाद फैसला सुनाया।