बलिया। जनपद की लोकप्रिय गायिका सुनीता पाठक शनिवार को विक्रमशीला हिंदी विद्यापीठ में आयोजित 22वें अधिवेशन में मौन तीर्थ सेवार्थ फाउंडेशन गंगा घाट उज्जैन में विद्यावाचस्पति सारस्वत सम्मान से सम्मानित होने के बाद जिले में लौटी। उनके आगमन के बाद बलिया रेलवे स्टेशन पर लोगों ने फूलमालाओं से स्वागत किया।
वरिष्ठ साहित्यकार डा. राजेंद्र भारती ने कहा कि आज जब भारतीय नारियां पाश्चात्य संस्कृति वात्यचक्र में पड़कर दिशाविहीन हो रही है। वहीं, सुनीता ने नारी के आदर्श स्वरूप को स्थापित किया है। डा. इफ्तेखार खां ने सुनीता को ऊर्जावान बताते हुए कि बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ एवं नारी सशक्तिकरण अभियान से जुड़कर संपूर्ण सम्मान और नारी वर्ग का मार्गदर्शन किया। लालजी सिंह यादव ने कहा कि बलिया की बेटी ने यह सम्मान पाकर कृति स्थापित किया है। सुनीता के इस सम्मान से बालिकाओं और महिलाओं को प्रेरणा मिलेगी। मंच संचालक विजय बहादुर ने मां सरस्वती की वरद पुत्री बताया। स्वागत करने वालों में जानकी पांडेय, कस्तूरी पांडेय, प्रीति पांडेय, रजनी उपाध्याय, सरिता पांडेय, नीलम गुप्ता, लल्लन पाठक, अतुल पांडेय, सुधा पांडेय, उमा देवी, अनिता शर्मा, हर्षित पांडेय आदि मौजूद रहे।