फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अस्तित्व खोता जा रहा सैकड़ों साल पुराना पशु मेला

विज्ञापन
विज्ञापन
बैरिया। संत सुदिष्ट बाबा के नाम पर लगने वाला इब्राहिमाबाद पशुमेला का अस्तित्व समाप्त अब धीरे-धीरे समाप्त होने लगा है। एक दशक पहले तक इस पशु मेले में रौनक देखते बनती थी। मेले से लाखों रुपये राजस्व का भी लाभ होता था। लेकिन पशु व्यापारियों की मानें तो पुलिसिया उत्पीड़न की वजह से अब इस मेले में मेरठ, लुधियाना, पंजाब, हरियाणा आदि प्रांतों के व्यापारी उम्दा किस्म के पशुओं को लेकर नहीं आ रहे है।
विज्ञापन

पशु मेला धीरे-धीरे शबाब पर पहुंचने लगा है। मेले में पूर्व मंत्री अंबिका चौधरी के लखनऊ स्थित डेयरी से आई गाय ने बछड़े को जन्म दिया। यह गाय रोज 26 लीटर दूध देती है। गाय की कीमत एक लाख 75 हजार रुपये मांगी जा रही है। वाराणसी से आये पशु व्यापारी सुखदेव साव ने कहा कि मेले में पशुओं को लाने में जेब खाली हो जाती है। पुलिसिया वसूली व उत्पीड़न के चलते मेले में पशुओं को लाने के लिए कोई हिम्मत नहीं करता है। मथुरा के व्यापारी इसराज ने बताया कि एक दशक पहले तक हम व्यापारियों ने इस मेले में जो रौनक देखी है आज आधी से भी कम हो गयी है। पंजाब से 92 पड़िया लेकर आए व्यापारी चांद ने कहा कि पहले इस मेले में हरियाणा, मेरठ, पंजाब आदि प्रांतों से विभिन्न नस्ल की गायें व बछिया बेचने की लिए व्यापारी लाते थे, लेकिन अब अधिकांश व्यापारियों ने आना बंद कर दिया है। दुधारू पशु व्यापारी संघ बलिया के अध्यक्ष सत्यदेव यादव ने कहा पुलिस दुधारू पशुओं को ले जाने में परेशान न करे तो पशुमेला की रौनक बनी रहेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें